बदायूं में मंदिर के पुजारी और चेलों ने अधेड़ महिला से किया गैंगरेप
बदायूं। हाथरस की घटना के घाव पुराने नहीं हुए कि बदायूं में एक अधेड़ महिला से गैंगरेप हो गया। घटना पर क्षोभ व्यक्त करते हुए निर्भया सेना के राष्ट्रीय अध्यक्ष सतीश मिश्र बाबा ने उत्तर प्रदेश के कथित रामराज पर सवाल खड़ा किया है। उन्होंने कहा कि अब तो माँ-बहन किसी मंदिर में भगवान की पूजा करने जाने से भी डरती हैं। पुजारी के वेश में दुराचारियों ने जो घिनौना कृत्य किया है वह अक्षम्य है। निर्भया सेना आरोपियों की फांसी की मांग करती है। प्रदेश में हालात यह हैं कि थानों में गम्भीर किस्म के केस दर्ज करने में आनाकानी की जा रही है। बदायूं में मीडिया में शोर के बाद प्रशासन चेता।पहले तो कुएं में गिरने की बात कहकर टाल मटोल किया गया।
उत्तर प्रदेश के बदायूं जिले में निर्भया गैंगरेप जैसी हैवानियत सामने आई है। यहां 50 साल की आंगनबाड़ी सहायिका से गैंगरेप के बाद हत्या कर दी गई। दरिंदों ने प्राइवेट पार्ट में रॉड जैसी चीज भी डालने की कोशिश की। आंगनबाड़ी सहायिका के शरीर के अन्य हिस्सों में गम्भीर चोटें आई हैं। इस मामले में एक आरोपी को पुलिस ने गिरफ्तार लिया है। दो आरोपी अभी फरार हैं, जिनकी तलाश में पुलिस की चार टीमें लगी हुई हैं। एसएसपी संकल्प शर्मा ने लापरवाही बरतने के आरोप में थानाध्यक्ष राघवेंद्र प्रताप सिंह को निलंबित कर दिया है।
3 जनवरी की शाम 50 साल की आंगनबाड़ी सहायिका मंदिर में पूजा करने गई थी। इस दौरान मंदिर पर मौजूद महंत सत्यनारायण, चेला वेदराम व ड्राइवर जसपाल ने गैंगरेप की जघन्य वारदात को अंजाम दिया और 3 जनवरी की रात को ही अपनी गाड़ी से आंगनबाड़ी सहायिका की खून से लथपथ लाश उसके घर फेंक कर फरार हो गए।
परिजनों ने उघैती थाना पुलिस को पूरे मामले की जानकारी दी,लेकिन पुलिस परिजनों को गुमराह कर थाने के चक्कर कटवाती रही। पुलिस ने पहले तो आंगनबाड़ी सहायिका की गैंगरेप के बाद हत्या की घटना को झूठा बताकर कुएं में गिरने मौत होने की बात कही। आलाधिकारियों के संज्ञान में आने व मीडिया में मामला आने के बाद पुलिस ने आंगनबाड़ी सहायिका के घर वालों की तहरीर पर महंत सत्यनारायण, चेला वेदराम व ड्राइवर जसपाल के खिलाफ गैंगरेप के बाद हत्या की धाराओं में केस दर्ज किया,लेकिन पुलिस ने 4 जनवरी को आंगनबाड़ी सहायिका के शव पोस्टमॉर्टम न कराकर 5 जनवरी को करीब 48 घन्टे बाद कराया।