सरकारी एंबुलेंस में ऑक्सीजन खत्म, बीच रास्ते में बीमार लड़की की मौत
नान जी सिंह, बाड़मेर| देश कोरोना महामारी से गुजर रहा है और सूबे में स्वास्थ्य विभाग हाई अलर्ट पर है सरकार और प्रशासन सुविधाओं की बखान करते नहीं थकती लेकिन सरकार के ये दावे उस समय हवा हवाई साबित होते हैं, जब आपातकाल में सरकारी स्वास्थ्य सेवाएं दम तोड़ देती हैं। बाड़मेर में भी ऐसा ही कुछ वाकया सामने आया है। यहां पर पेट दर्द की शिकायत लेकर आई किशोरी को चिकित्सकों ने जोधपुर रेफर कर दिया । परिजन बताते हैं कि लापरवाही की हद तब हो गई, जब बीमार किशोरी बाड़मेर से 20 किमी. की दूरी पर ही तड़पने लगी। एंबुलेंस स्टाफ ने ऑक्सीजन सिलेंडर का मीटर देखा तो अंदर ऑक्सीजन ही नहीं थी, इस पर चालक ने बायतु अस्पताल से नया सिलेंडर लेने के लिए एंबुलेंस तेल चलाने कि कोशिश भी की, लेकिन बायतु से पहले ही किशोरी तड़प-तड़प कर सरकारी सिस्टम की लापरवाही से बीच रास्ते में दम तोड़ दिया। इसके बाद परिजनों ने हंगामा करना शुरू कर दिया उनका कहाँ है कि कार्मिकों ने खाली ऑक्सीजन सिलेंडर बदला ही नहीं था और जोधपुर जो कि 200 किलोमीटर है वहाँ रेफर कर दिया।