मजदूरों की मौत, हजूरों के गाल बजाने का हमें है मलाल : एन डी देहाती

शनिवार, 16 मई 2020 की सुबह-सुबह एक बुरी खबर आई। यूपी के औरैया में सड़क हादसे में 23 मजदूरों की मौत हो गयी। बहुतेरे घायल हैं। जाहिर है, उनमें से भी जो गम्भीर हैं वे असमय ही काल के गाल में समा जाएँ। हृदय विरादक इस घटना के बाद हम सोचने लगे। कल ही तो यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने जिलाधिकारियों को निर्देश दिए थे कि किसी भी हालत में मजदूर पैदल, बाइक व ट्रक आदि असुरक्षित वाहनों से न चलें। उन्हें उनके गन्तब्य तक पहुंचाने का प्रबन्ध पुलिस व प्रशासन को करना होगा। मुख्यमंत्री के निर्देश का धरातल पर यदि पालन हुआ होता तो यह दुखद स्थिति नहीं आती। मुख्यमंत्री के गृह नगर गोरखपुर के साथ साथ पडोसी राज्य बिहार में दिवंगत मजदूर जा रहे थे। उनके लिए कोई प्रबन्ध न करके सड़कों पर असुरक्षित मरने के लिए क्यों छोड़ दिया गया था? राष्ट्रीय पत्रकार एसोशिएशन का प्रवक्ता होने के नाते हम सभी श्रमिकों की मौत पर गहरा दुःख व्यव्क्त करते हैं।घायलों के शीघ्र स्वस्थ्य होने की कामना करते हैं । औरया  प्रशासन के विरुद्ध कार्रवाई की मांग करते हैं।

कोरोना के संक्रमण और लॉक डाउन के बीच सड़कों पर भारत की दुर्दशा दिख रही है। सडक़ों पर मजूर मर रहे। हजूर लोग अपने -अपने यशोगान में हैं। कुछ मीडिया घराने भी सरकार के गाल बजाने के ताल में अपनी ताल मिला रहे। हर सड़क पर भूखे प्यासे लोग हैं। भारत के ये लाल आज कंगाल के हाल में अपनी जन्मभूमि पर लौट रहे हैं। हर हाई वे पर क़तार लगी है । ग़रीबी की । बेबसी की । लाचारी की । भूखे है। प्यासे है। कोई नंगे पैर है । भारत आज हज़ारों किलो मीटर पैदल चल रहा है । कोई अपनी बूढ़ी माँ को काँधे पर टांगे है । कोई अपने बच्चे को ट्रॉली बैग पर अध लटका हुआ घसीट रही है। कोई साइकिल से ही सड़क नाप  रहा है । मुम्बई से अपने ऑटो और टैक्सियां लेकर लोग गावों की ओर बढ़ रहे हैं।चारों और हाहाकार है। कोरोना तो संक्रामक बीमारी है । फिर सड़कों पर यह सैलाब क्यों? यह कौन सी महामारी है ? सचमुच में यदि परदेस में ही इनकी पूरी व्यवस्था कर दी गयी होती तो आज यह दिन नहीं देखने पड़ते। हुजूर ने कहा था- जो जहाँ हैं वहीँ रुक जाएँ। कब तक रूकते। घर के राशन खत्म हो गए। जेब के पैसे खत्म हो गए। मरने की नौबत आ गयी। मरता क्या न करता। सारे लॉक डाउन धरे रह गए। हम-आप और सरकार ने समय रहते नहीं चेता तो अब गांव में संक्रमण फैलेगा। इसे बचाना होगा।

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