…..और जब बारिश में बह गई शराब !
देवेंद्र पुरोहित | वैश्विक महामारी कोरोना वायरस संक्रमण से लॉक डाउन के कानून व्यवस्था बनाए रखने में खाकी का विशेष योगदान है। इस महामारी के दौरान जहां खाकी वर्दी के मानवीयतापूर्ण कार्यशैली की सराहना हो रही है। वहीं खाकी की आड़ में आपराधिक गतिविधियों के संचालन की खबरें भी मिल रही है। ऐसा ही उत्तर प्रदेश के बरेली में एक अजीबो-गरीब मामला सामने आया है। यहां के फरीदपुर थाने के मालखाने में रखी हरियाणा निर्मित शराब की तमाम पेटियां बारिश में बह गईं। तस्करों से भारी मात्रा में बरामद शराब में से इस तरह शराब गायब होने की हास्सास्पद रिपोर्ट एसएसपी को तब भेजी गई है जब मालखाने से शराब की तस्करी की शिकायतें अफसरों तक पहुंचीं। जवाब मांगा गया तो बारिश में शराब खराब होने की आनन-फानन में रिपोर्ट बना दी गई।
फरीदपुर के कोतवाल धनंजय सिंह ने लॉक डाउन से पहले तीन ट्रकों से 1180 हरियाणा निर्मित शराब की पेटियां बरामद की थी तथा शराब मालखाने में रखवा दी थी। इसी लॉक डाउन के दौरान चर्चा चली कि शराबियों ने माल खाने से जुड़े पुलिसकर्मियों से सेटिंग करके हरियाणा की अंग्रेजी शराब की पेटियां खरीदनी शुरू कर दी। जैसे ही यह खबर एएसपी तक पहुंची, उन्होंने तत्काल एसएसपी को तस्करी की रिपोर्ट भेज कर माल खाने की पेटियों को चेक कराना शुरू किया। एक दिन की जांच में ही तमाम पेटियां कम पाई गई। जांच शुरू होने के बाद पुलिसकर्मियों में अफरा-तफरी मच गई। माल खाने के इंचार्ज ने शराब क्षतिग्रस्त होने का मामला पेश कर दिया उन्होने कहा की बारिश मे शराब खराब हो गई । थाने में शराब की तस्करी को लेकर अब पुलिस कर्मियों में चर्चा बनी हुई है।
नागेंद्र यादव, सीओ नागेंद्र यादव ने कहा कि – एएसपी ने मालखाने में रखी शराब की पेटियों की गिनती शुरू कराई है। मामले की जांच में जो भी दोषी पाया जाएगा उसके खिलाफ कठोर कार्रवाई कि जाएगी ।