लॉक डाउन में दाने दाने को मोहताज हुआ परिवार

भटनी:
जो पैसे थे, अब खत्म हो चुके हैं। पिछले कई घंटों से पेट में अन्न का एक दाना भी नहीं पहुंचा है। फिलहाल सिर पर छत तो है, लेकिन उसका भी कोई ठिकाना नहीं कब तक। प्रशासन ने साथ नहीं दिया तो ठिकाना भी छिन जाएगा। फिलहाल एक ही आस है कि किसी तरह दो वक्त की रोटी मिल जाए। यह पीड़ा है भटनी थाना क्षेत्र के बेहरा डाबर गांव के उस दिहाड़ी मजदूर की, जो दिन भर काम करके शाम को चूल्हा जला पाता था। लेकिन, 22 मार्च आते ही कोरोना के कारण लॉकडाउन की ऐसी मार पड़ी कि अब अन्न के एक-एक दाने को मोहताज हैं। फिलहाल इस गरीब परिवार को किसी मददगार का इंतजार है। हालांकि, इनका एक एक दिन भी सहानुभुति रखने वाले लोगों के इंतजार में ही बीत रहा है।

बेहरा डाबर गांव के रहने वाले विजय शर्मा s/o रामसूचित शर्मा का परिवार (पत्नी व तीन बच्चे)आज अपने ही जन्मभूमि पर अपने अस्तित्व की लड़ाई लड़ रहा है।
जमीनी विवाद में इनकी झोपडी गिरा दी गई आज कोरोना के मार चलते हर किसी ने काम देने से और किसी भी प्रकार की मदद देने से मना कर दिया। इनका राशन कार्ड नहीं है , व आधार कार्ड भी निरस्त हो गया है।
आज यह परिवार तिल तिल मरने को बेबस हो गया है क्योंकि कोटेदार राशन देने से साफ मना कर रहा है ,प्रशासन भी अभी हाथ पर हाथ रखे बैठा है। हालांकि डी एम देवरिया से संपर्क करने पर कार्रवाई होने का आश्वासन मिला है लेकिन खबर लिखे जाने तक ग्राम प्रधान के अपने स्तर के मदद के अलावा और कोई भी मदद  नही मिल सकी है।

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