पुलिस इंस्पेक्टर की मेहनत देख भाउक हुआ किसान, दिया एक लाख का चेक
देवरिया | यूँ तो वर्दी देखकर आम जनमानस नाक भौं टेढ़ा करता है, लेकिन लॉक डाउन के इस वक्त में लार के इंस्पेक्टर की मेहनत और ईमानदारी देख एक किसान इतना भाउक हुआ कि उसने इंस्पेक्टर को दस हजार का चेक दिया। किसान ने प्रधानमन्त्री राहत कोष में चालीस हजार, मुख्यमंत्री राहत कोष में चालीस हजार, स्थानीय डॉक्टर को दस हजार कुल मिलाकर एक लाख रुपये दान कर दिया।गुरुवार को लार थाना क्षेत्र के नदौली निवासी रविन्द्र नाथ तिवारी ने लार कस्बा में डॉक्टर गौसुल आजम लारी के क्लिनिक पर पहुंचकर इंस्पेक्टर गिरिजेश तिवारी को फोन किया। आम जनता के फोन पर तुरन्त पहुंचने वाले लार के इंस्पेक्टर ने समझा कि किसी व्यक्ति पर कोई संकट आ गया है। वे तुरन्त अस्पताल पर पहुंच गए। वहां पहुंचने पर किसान रविंद्र नाथ तिवारी ने अपनी दिल की बात इंस्पेक्टर से साझा की। किसान ने कहा- साहब कोरोना संक्रमण के इस वैश्विक महामारी के संक्रमणकाल में अपनी जान जोखिम में डाल कर आप दिन रात जितनी मेहनत कर रहे हैं ,हम आपकी कर्तव्यनिष्ठा से अभिभूत हूँ। हम प्रधानमन्त्री, मुख्यमंत्री के राहत कोष में अपनी सहयोग राशि देने के साथ ही पुलिस व डाक्टर को भी उनके सम्मान में एक छोटी राशि देना चाहता हूँ। मीडिया की उपस्थिति में किसान ने चार चेक इंस्पेक्टर लार गिरिजेश तिवारी को दिया। उन्होंने मीडिया से बात चीत में कहा कि अन्नदाता किसान केवल अन्न से ही दुनिया का पेट नहीं भरता ,जब देश को जरूरत पड़ती है धन से भी देश की मदद करता है। हम किसान हैं। अपने पसीने से कमाई यह छोटी राशि दान देकर शान्ति का अनुभव करूँगा। रविंद्र नाथ तिवारी ने चार चेक सौपें। इसमें 40 हजार प्रधानमन्त्री राहत कोष, 40हजार मुख्यमंत्री राहत कोष, 10 हजार स्थानीय लार पुलिस को और 10 हजार स्थानीय डॉक्टर को देने के लिए सुपुर्द किया।रविंद्र नाथ तिवारी ने कहा कि संकट की इस घड़ी में जब पूरा देश एकजुटता का परिचय दे रहा। कोरोना से लड़ने के लिए डाक्टर, पुलिस जितना काम कर रहे वह अतुलनीय है। मेरे मन में विचार आया कि लार के प्रभारी गिरिजेश तिवारी और डाक्टर बीवी सिंह की मेहनत के एवज में उन्हें भी कुछ दान दे दूँ।