मौत का ‘कोटा’ – बच्चों की मौत का आंकड़ा बढ़कर 107
The News Wala : जेके लोन अस्पताल में लगभग 40 दिनों से नवजातों की मौतों का सिलसिला जारी है। 107 बच्चों की मौत के मामले में राजस्थान में कोटा के जेके लोन अस्पताल में स्वास्थ्य सेवाएं सवालों के घेरे में हैं। राष्ट्रीय बाल अधिकार संरक्षण आयोग ने पिछले दिनों हॉस्पिटल की जांच के दौरान पाया कि किसी भी खिड़की के शीशे तक नहीं थे। दरवाजे भी टूटे हुए थे। ऐसे में प्रतिकूल मौसम से भी बच्चे पीड़ित थे। इतना ही नहीं, आयोग ने सुअर के बच्चों को अस्पताल परिसर में घूमते पाया।
कोटा की किशोर सागर कॉलोनी में रहने वाली तुलसी बाई का कहना है कि 17 दिसंबर को बहू को अस्पताल में डिलीवरी के लिए भर्ती करवाया बहू ने अगले दिन बेटे को जन्म दिया तो घर में खुशी छा गई। बेटे के हम सभी परिवार वालों ने 7 साल तक मन्नतें, झाड़फूंक और भगवान से गुहार लगाई थी। लेकिन अगले ही दिन सुबह बच्चे की तबीयत बिगड़ी, उसे सांस लेने में तकलीफ हुई और अस्पताल में मशीनों की कमी के कारण उसने दम तोड़ दिया।
राज्य सरकार ने बच्चों की मौत के मामले में जांच कमेटी गठित की थी। कमेटी की रिपोर्ट के मुताबिक, बच्चों की मौत का मुख्य कारण हाइपोथर्मिया बताया गया है। इसके अलावा अस्पताल के लगभग हर तरह के उपकरण और व्यवस्था में खामियां बताई गई हैं।