
देवरिया। भटनी बाईपास मार्ग पर रेलवे गेट के पास मिले युवक के शव की पहचान शनिवार को हतवा निवासी विक्की तिवारी के रूप में हुई। तीन दिन से लापता बेटे की मौत की खबर मिलते ही परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा। घर में चीख-पुकार मच गई। मां मनोरमा देवी, पिता उपेंद्र तिवारी और भाई राजन का रो-रोकर बुरा हाल है।
जानकारी के मुताबिक, बुधवार को भटनी बाईपास मार्ग पर रेलवे गेट के पास पुलिस को एक युवक का शव मिला था। शव की पहचान नहीं हो पाने के कारण पुलिस ने उसे देवरिया स्थित मोर्चरी में रखवा दिया था। उधर, हतवा निवासी विक्की पुत्र उपेंद्र तिवारी के घर नहीं लौटने पर परिजन परेशान थे। तीन दिन तक तलाश करने के बाद भी उसका कोई पता नहीं चला तो परिवार ने पुलिस से संपर्क किया।
इसके बाद पुलिस ने परिजनों को शव की पहचान के लिए देवरिया भेजा। मोर्चरी में पहुंचने पर परिजनों ने शव को विक्की के रूप में पहचान लिया। युवक की मौत की खबर सुनते ही परिवार के लोगों की उम्मीदें टूट गईं। शनिवार की देर रात पोस्टमार्टम के बाद शव घर पहुंचा तो पूरे परिवार में मातम छा गया।
परिजनों के मुताबिक, विक्की भटनी नगर क्षेत्र में काम करके अपना जीवनयापन करता था। उसकी मौत से परिवार को गहरा सदमा लगा है। अब घर के सामने रोजी-रोटी की चिंता भी खड़ी हो गई है।
भटनी थानाध्यक्ष पीके गुप्त ने बताया कि रेलवे ट्रैक के पास एक युवक का शव मिला था। उसके पास पहचान से जुड़ा कोई दस्तावेज नहीं था, इसलिए तत्काल शिनाख्त नहीं हो सकी। शनिवार को युवक के लापता होने के संबंध में परिजन पुलिस के पास पहुंचे। उन्हें देवरिया मोर्चरी भेजा गया, जहां उन्होंने शव की पहचान विक्की के रूप में की। पुलिस ने पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिया।