मां की बरखी में आभूषण बंटवारे को लेकर खूनी संघर्ष, छोटे बेटे की मौत; भाई-भतीजों पर हत्या का आरोप

बरवा मीरछापर गांव में घटना से मचा हड़कंप, पत्नी और तीन बच्चों का रो-रोकर बुरा हाल

देवरिया। मां की बरखी का कार्यक्रम मातम में बदल गया। रामपुर कारखाना थाना क्षेत्र के बरवा मीरछापर गांव में मां के आभूषणों के बंटवारे को लेकर हुए विवाद में 45 वर्षीय युवक की कथित तौर पर पीट-पीटकर हत्या कर दी गई। घटना शुक्रवार रात की बताई जा रही है। मृतक की पहचान केश्वर कुशवाहा के रूप में हुई है। आरोप उसके सगे बड़े भाई और भतीजों पर लगा है। घटना के बाद गांव में सनसनी फैल गई। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और आरोपियों की तलाश में दबिश दे रही है।

जानकारी के अनुसार, बरवा मीरछापर गांव निवासी मोतिया देवी (90) का निधन हो गया था। शुक्रवार को घर में बरखी का आयोजन किया गया था। पूजा-पाठ और रिश्तेदारों को भोजन कराने के बाद परिवार में मां के आभूषणों के बंटवारे को लेकर चर्चा शुरू हुई। देखते ही देखते बातचीत ने विवाद का रूप ले लिया और भाइयों के बीच कहासुनी होने लगी।

आरोप है कि विवाद के दौरान बड़े भाई और भतीजों ने केश्वर कुशवाहा की पिटाई शुरू कर दी। आसपास मौजूद लोगों ने बीच-बचाव करने की कोशिश की, लेकिन मामला शांत नहीं हुआ। बताया जाता है कि आरोपित केश्वर को घर के भीतर ले गए। कुछ देर बाद दोबारा मारपीट हुई, जिसमें वह गंभीर रूप से घायल हो गए।

अस्पताल ले जाते समय बिगड़ी हालत, नहीं बची जान

मारपीट के बाद घायल केश्वर को परिजन निजी चिकित्सक के पास ले गए। उनकी गंभीर हालत को देखते हुए चिकित्सक ने मेडिकल कॉलेज ले जाने की सलाह दी। इसके बाद परिजन और रिश्तेदार उन्हें कुशीनगर जिले के कसया स्थित अस्पताल लेकर पहुंचे, जहां उनकी मौत हो गई।

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मौत की खबर मिलते ही परिवार में चीख-पुकार मच गई। परिजन रात में शव लेकर गांव लौटे और घर के दरवाजे पर रखकर पुलिस को सूचना दी। जानकारी मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। पुलिस मामले की जांच करने के साथ ही आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए दबिश दे रही है।

रोजाना के विवाद से घर छोड़कर बाहर कमाने गए थे केश्वर

ग्रामीणों के मुताबिक, केश्वर कुशवाहा वाहन चालक थे। परिवार में आए दिन होने वाली कहासुनी से परेशान होकर वह बाहर जाकर काम करने लगे थे। मां की मौत की सूचना मिलने पर वह गांव लौटे थे। परिवार में बरखी और अन्य कर्मकांड पूरे होने के बाद उन्हें फिर काम पर लौटना था, लेकिन आभूषणों के बंटवारे को लेकर हुआ विवाद उनकी मौत की वजह बन गया।

हालांकि, विवाद की पूरी परिस्थितियों और मारपीट में शामिल लोगों की भूमिका की पुष्टि पुलिस जांच के बाद ही हो सकेगी।

पत्नी और तीन बच्चों की चीत्कार से द्रवित हुए लोग

केश्वर की मौत से पत्नी प्रमिला देवी, बेटी गुड़िया और बेटों आलोक व अमित पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा। परिवार के लोगों का रो-रोकर बुरा हाल है। बताया जा रहा है कि केश्वर ही परिवार के मुख्य कमाऊ सदस्य थे। उनकी मौत से परिवार के सामने आजीविका का संकट भी खड़ा हो गया है।

जिस घर में मां की बरखी के लिए रिश्तेदार जुटे थे, उसी घर में कुछ ही घंटों के भीतर मातम छा गया। घटना की खबर फैलते ही गांव के लोग मृतक के घर पहुंचने लगे। पत्नी और बच्चों को बिलखते देख वहां मौजूद लोगों की आंखें भी नम हो गईं।

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