छठ-दिवाली से पहले पूर्वांचल में रेलवे की तैयारी तेज, देवरिया-गोरखपुर आने वाली ट्रेनों पर बढ़ा दबाव
AI गोरखपुर रेलवे स्टेशन पर त्योहार से पहले यात्रियों की बढ़ती भीड़।

गोरखपुर। दीपावली और छठ पूजा से पहले घर लौटने वाले पूर्वांचल के प्रवासियों की बढ़ती भीड़ ने रेलवे की तैयारियों को तेज कर दिया है। दिल्ली, मुंबई, गुजरात, पंजाब, महाराष्ट्र और दक्षिण भारत के शहरों में काम करने वाले बड़ी संख्या में लोग त्योहार पर देवरिया, गोरखपुर और आसपास के जिलों में लौटते हैं। यात्रियों की बढ़ती संख्या को देखते हुए रेलवे ने पूजा स्पेशल ट्रेनों के संचालन की तैयारी बढ़ा दी है।
पूर्वोत्तर रेलवे के गोरखपुर क्षेत्र से जुड़ी जानकारी के मुताबिक दशहरा, दीपावली और छठ के दौरान यात्रियों की अतिरिक्त भीड़ को देखते हुए 14 जोड़ी यानी 28 पूजा स्पेशल ट्रेनें चलाने की योजना है। इसके अलावा दूसरे रेलवे जोन की 16 जोड़ी ट्रेनें भी चलेंगी। इस तरह पूर्वोत्तर रेलवे से जुड़े नेटवर्क पर कुल 30 जोड़ी स्पेशल ट्रेनों के 632 फेरे संचालित किए जाने की जानकारी सामने आई है।
देवरिया और भटनी के यात्रियों को भी मिलेगा फायदा
पूर्वांचल में गोरखपुर जंक्शन बड़ा रेल केंद्र है, लेकिन देवरिया और आसपास के यात्रियों के लिए देवरिया सदर और भटनी जंक्शन भी महत्वपूर्ण स्टेशन हैं। त्योहार के दौरान इन स्टेशनों पर भी यात्रियों की संख्या अचानक बढ़ जाती है। खासकर मुंबई, अहमदाबाद, सूरत, पुणे, दिल्ली और अन्य महानगरों से आने वाली ट्रेनों में पूर्वांचल लौटने वाले यात्रियों की भीड़ रहती है।
गोरखपुर आने वाली कई नियमित ट्रेनों में नवंबर तक स्लीपर और एसी श्रेणी में लंबी वेटिंग तथा कुछ तारीखों पर नो-रूम की स्थिति सामने आई है। अहमदाबाद-गोरखपुर, पुणे-गोरखपुर और दक्षिण भारत से गोरखपुर आने वाली कुछ ट्रेनों में भी आरक्षण का दबाव बताया गया है।
मुंबई और महानगरों से घर लौटने की होड़
छठ पूजा पूर्वांचल के लाखों परिवारों के लिए सबसे महत्वपूर्ण पर्वों में शामिल है। मुंबई, पुणे, सूरत, अहमदाबाद, दिल्ली और पंजाब में रहने वाले परिवार पहले दीपावली और उसके बाद छठ के लिए गांव लौटते हैं। यही वजह है कि त्योहार के करीब आते ही गोरखपुर आने वाली ट्रेनों में सीटों की मांग तेजी से बढ़ जाती है।
रेलवे ने यात्रियों को अतिरिक्त विकल्प देने के लिए गोरखपुर-बांद्रा और गोरखपुर-सहरसा समेत कई पूजा स्पेशल सेवाओं की घोषणा की है। गोरखपुर-बांद्रा पूजा स्पेशल का संचालन अक्टूबर से नवंबर के बीच निर्धारित किया गया है, जबकि गोरखपुर-सहरसा सेवा भी इसी त्योहारी अवधि में चलेगी।
स्टेशन पर भीड़ संभालना भी बड़ी चुनौती
त्योहार के दौरान सिर्फ ट्रेनों में सीट उपलब्ध कराना ही रेलवे की चुनौती नहीं है। गोरखपुर जैसे बड़े स्टेशन पर यात्रियों की अचानक बढ़ने वाली संख्या को संभालना भी महत्वपूर्ण होगा। प्लेटफॉर्म, टिकट काउंटर, प्रवेश और निकास व्यवस्था तथा ट्रेनों के इंतजार में खड़े यात्रियों के लिए अतिरिक्त व्यवस्था पर रेलवे को विशेष ध्यान देना होगा।
देवरिया और भटनी जैसे स्टेशनों पर भी त्योहार के दिनों में सामान्य दिनों की तुलना में अधिक भीड़ रहने की संभावना है। ऐसे में यात्रियों को सलाह है कि वे यात्रा से पहले ट्रेन का समय, ठहराव और टिकट की उपलब्धता जरूर जांच लें।
पूर्वांचल के लिए इस बार सबसे बड़ी राहत यही है कि रेलवे ने नियमित ट्रेनों पर बढ़ते दबाव को देखते हुए अतिरिक्त ट्रेनों का विकल्प बढ़ाया है। अब यात्रियों की नजर इन स्पेशल ट्रेनों के समय और स्टॉपेज पर रहेगी।