PDA के नारे के बीच अखिलेश के लार दौरे पर गरमाया सवाल, क्या रामेश्वर तिवारी के घर भी जाएंगे?
रक्सा जाएंगे अखिलेश, क्या भीखमछपरा भी जाएंगे?

9 अक्टूबर को रक्सा पहुंचेंगे सपा प्रमुख, सुरेश यादव को देंगे श्रद्धांजलि; भीखमछपरा के तिवारी परिवार को लेकर शुरू हुई सियासी चर्चा
देवरिया। समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव के 9 अक्टूबर को लार आने की खबर ने इलाके की सियासत गर्म कर दी है। कार्यक्रम के मुताबिक अखिलेश यादव रक्सा गांव पहुंचकर सपा के पूर्व विधायक एवं पूर्व जिलाध्यक्ष स्वर्गीय सुरेश यादव को श्रद्धांजलि देंगे। बलिया के कार्यक्रम के बाद उनके देवरिया पहुंचने की जानकारी सामने आई है।
लेकिन इस दौरे के साथ ही लार की सियासी गलियों में एक और सवाल घूमने लगा है—अखिलेश यादव रक्सा जाएंगे, तो क्या भीखमछपरा भी जाएंगे?
सवाल इसलिए भी अहम है क्योंकि लार थाना क्षेत्र के भीखमछपरा टोला में हाल ही में हुए रामेश्वर तिवारी हत्याकांड ने पूरे इलाके को झकझोर दिया था।
एक दौरा, दो परिवार और सियासी नजरें
अखिलेश यादव का रक्सा पहुंचकर सुरेश यादव को श्रद्धांजलि देना तय कार्यक्रम का हिस्सा बताया जा रहा है। वहीं दूसरी ओर रामेश्वर तिवारी के परिवार पर अभी भी घटना का गहरा असर है।
यही वजह है कि स्थानीय राजनीतिक चर्चाओं में अब तुलना शुरू हो गई है—एक तरफ सपा के पुराने नेता के परिवार के बीच अखिलेश की मौजूदगी, दूसरी तरफ हालिया हत्याकांड से प्रभावित तिवारी परिवार।
लोगों की नजर अब इस बात पर है कि क्या अखिलेश यादव अपने दौरे का दायरा रक्सा तक सीमित रखते हैं या भीखमछपरा पहुंचकर रामेश्वर तिवारी के परिजनों से भी मुलाकात करते हैं।
PDA का ‘P’ और भीखमछपरा का सवाल
अखिलेश यादव इन दिनों PDA—पिछड़ा, दलित और अल्पसंख्यक की राजनीति को लेकर लगातार सक्रिय हैं। सितंबर में उन्होंने रायबरेली से PDA रथ यात्रा की शुरुआत की थी।
ऐसे में स्थानीय चर्चाओं में सवाल यह भी है कि पीड़ित परिवारों के बीच पहुंचने की राजनीति में रामेश्वर तिवारी का परिवार कहां खड़ा होता है?
हालांकि यहां एक बात साफ है—अभी तक सामने आए कार्यक्रम में रामेश्वर तिवारी के परिवार से अखिलेश यादव की मुलाकात का कोई आधिकारिक उल्लेख नहीं है। इसलिए फिलहाल यह सवाल ही है, कोई घोषित कार्यक्रम नहीं।
अब असली नजर 9 अक्टूबर पर
लार में अखिलेश यादव के दौरे को लेकर सियासी माहौल पहले ही गरम है। अब इसमें भीखमछपरा का सवाल जुड़ गया है।
रक्सा में श्रद्धांजलि होगी, लेकिन क्या भीखमछपरा में संवेदना भी पहुंचेगी?
यही सवाल फिलहाल लार की राजनीतिक चर्चाओं में सबसे ज्यादा सुना जा रहा है।
अब देखना दिलचस्प होगा कि 9 अक्टूबर को अखिलेश यादव का काफिला सिर्फ रक्सा तक पहुंचता है या भीखमछपरा की ओर भी मुड़ता है।