22 जुलाई को ही जताई थी हत्या की आशंका!
लार में हत्या की घटना के बाद सामने आई लिखित शिकायत, परिजनों ने पुलिस को पहले ही किया था आगाह
लार/देवरिया। लार थाना क्षेत्र में हुई हत्या की घटना के बाद एक ऐसी लिखित तहरीर सामने आई है, जिसने पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े कर दिए हैं। 22 जुलाई को थाना लार पुलिस को दी गई तहरीर में शिकायतकर्ता ने संबंधित लोगों से जान का खतरा बताते हुए हत्या की आशंका जताई थी। तहरीर में आरोप लगाया गया था कि कुछ लोग लगातार विवाद और धमकी दे रहे हैं तथा कभी भी बड़ी घटना को अंजाम दिया जा सकता है।
सामने आई तहरीर में शिकायतकर्ता ने थाना प्रभारी से मामले को गंभीरता से लेते हुए आवश्यक कार्रवाई और सुरक्षा की मांग की थी। शिकायत में यह भी आशंका जताई गई थी कि यदि समय रहते कार्रवाई नहीं हुई तो बड़ी घटना हो सकती है।
अब इसी के बाद हुई हत्या की घटना ने पुलिस को दी गई उस शिकायत को चर्चा के केंद्र में ला दिया है। परिजनों और स्थानीय लोगों का सवाल है कि जब 22 जुलाई को ही पुलिस को हत्या की आशंका से संबंधित तहरीर दे दी गई थी, तो उस शिकायत पर क्या कार्रवाई की गई? यदि शिकायत को गंभीरता से लेकर समय रहते प्रभावी कदम उठाया जाता, तो क्या इस घटना को रोका जा सकता था—यह सवाल अब पुलिस की कार्रवाई को लेकर उठ रहा है।
घटना के बाद इलाके में भी तरह-तरह की चर्चाएं हैं। लोगों का कहना है कि किसी व्यक्ति द्वारा पहले से अपनी जान को खतरा बताए जाने के बाद शिकायत की जांच और संबंधित पक्षों पर कार्रवाई बेहद महत्वपूर्ण होती है।
फिलहाल हत्या की घटना के बाद पुलिस की पूर्व में दी गई तहरीर पर की गई कार्रवाई भी जांच का अहम बिंदु बन गई है। पुलिस की ओर से इस संबंध में क्या कार्रवाई की गई थी और तहरीर पर कौन-कौन से कदम उठाए गए, इसका स्पष्ट विवरण सामने आना बाकी है