कोडीन कफ सिरप तस्करी केस में STF को बड़ी सफलता: फरार बर्खास्त सिपाही आलोक सिंह गिरफ्तार, विदेश भागने की तैयारी कर रहा था | The NewsWala
लखनऊ, 2 दिसंबर 2025 | The NewsWala – उत्तर प्रदेश स्पेशल टास्क फोर्स (STF) ने 2000 करोड़ रुपये के अवैध कोडीन कफ सिरप तस्करी सिंडिकेट मामले में एक और बड़ा झटका दिया है। लंबे समय से फरार चल रहे बर्खास्त सिपाही आलोक सिंह को STF ने लखनऊ के सुशांत गोल्फ सिटी इलाके से गिरफ्तार कर लिया। आलोक सिंह सरेंडर करने की तैयारी कर रहा था और अपने वकील से मिलने आया था, लेकिन मुखबिर की सूचना पर STF ने उसे धर दबोचा।
STF के अनुसार, आलोक सिंह मूल रूप से चंदौली का निवासी है और यूपी पुलिस की STF में तैनात रह चुका था। उसे बर्खास्त किए जाने के बाद वह इस अंतरराष्ट्रीय तस्करी रैकेट का मुख्य सूत्रधार बन गया। गिरफ्तारी से ठीक एक दिन पहले STF ने उसके खिलाफ लुकआउट सर्कुलर (LOC) जारी किया था, क्योंकि संदेह था कि वह विदेश भागने की योजना बना रहा है। पूछताछ में उसके द्वारा सिंडिकेट के अन्य सदस्यों और नेटवर्क का बड़ा खुलासा होने की उम्मीद है।
- सिंडिकेट का खुलासा: यह रैकेट कोडीन युक्त कफ सिरप ‘फेंसिडिल’ की अवैध तस्करी करता था, जो कई राज्यों और विदेशों तक फैला हुआ था। STF को मुखबिर से जानकारी मिली थी कि आलोक सिंह ने वाराणसी निवासी अमित कुमार सिंह उर्फ अमित टाटा के साथ मिलकर एक समानांतर वितरण चेन तैयार की थी।
- पिछली गिरफ्तारियां: STF ने पहले अमित टाटा को गोमतीनगर से गिरफ्तार किया था, जिसकी पूछताछ से आलोक सिंह का नाम सामने आया। इसके अलावा, सोनभद्र पुलिस ने सिंडिकेट के मास्टरमाइंड भोला की ट्रांजिट रिमांड ली है। अभी शुभम जयसवाल फरार है।
- राजनीतिक कनेक्शन: आलोक सिंह पूर्व सांसद धनंजय सिंह का करीबी बताया जा रहा है। सोशल मीडिया पर दोनों के वायरल फोटो और वीडियो से यह संबंध स्पष्ट हो रहा है। इस मामले में अब तक 40 से अधिक FIR दर्ज हो चुकी हैं।
STF के आईजी अमित पाठक ने बताया कि यह गिरफ्तारी अवैध कारोबार पर नकेल कसने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। आलोक सिंह पर करोड़ों की संपत्ति अर्जित करने का भी आरोप है। पूछताछ के बाद उसे कोर्ट में पेश किया जाएगा, जहां से रिमांड की मांग की जाएगी। विशेषज्ञों का मानना है कि इस गिरफ्तारी से पूरे नेटवर्क का पर्दाफाश होगा, जो नशीले पदार्थों के दुरुपयोग को रोकने में मददगार साबित होगा।