इमरान खान की मौत का सच: अफवाहें क्यों फैला रही हैं हंगामा, जेल में दो साल से क्यों बंद हैं पाकिस्तान के पूर्व पीएम?

इस्लामाबाद: पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान की मौत की अफवाहें सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रही हैं, लेकिन आधिकारिक बयानों और जेल अधिकारियों के अनुसार, वे जीवित हैं और रावलपिंडी के आदियाला जेल में कैद हैं। नवंबर 2025 में अफगान मीडिया के एक अकाउंट ‘अफगानिस्तान टाइम्स’ से शुरू हुई यह अफवाह बताती है कि इमरान को ‘रहस्यमयी तरीके से मार दिया गया’ और उनका शव जेल से बाहर ले जाया गया। हालांकि, जेल प्रशासन ने इसे सिरे से खारिज कर दिया है। उनके सहयोगी फवाद चौधरी ने इसे अफगानिस्तान-पाकिस्तान के बीच गलत सूचना युद्ध का हिस्सा बताया है। इमरान के बेटे कासिम खान ने ‘लाइफ का सबूत’ मांगा है, जबकि उनकी बहनें नूरीन नियाजी, अलीमा खानम और डॉ. उजमा खान को जेल के बाहर पुलिस ने पीटा, जो मुलाकात की मांग कर रही थीं। यह घटना पाकिस्तान की राजनीतिक अस्थिरता को और गहरा रही है।

इमरान खान की मौत की अफवाहें नई नहीं हैं। मई 2024 में उन्होंने ब्रिटिश अखबार ‘द टेलीग्राफ’ में लिखा था कि अगर उनके साथ कुछ होता है तो सेना प्रमुख आसिम मुनीर जिम्मेदार होंगे। अब, छह हफ्तों से सोलिटरी कंफाइनमेंट (एकांत कारावास) में रखे जाने और परिवार को मुलाकात न मिलने से चिंताएं बढ़ गई हैं। जेल अधिकारियों ने कहा कि इमरान भोजन कर रहे हैं, व्यायाम कर रहे हैं और पूर्ण चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध हैं। रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ ने इसे ‘फाइव-स्टार’ सुविधाओं वाला बताया। लेकिन पीटीआई (पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ) ने इसे साजिश करार दिया है। सोशल मीडिया पर #ImranKhanMurdered और #FreeImranKhan जैसे हैशटैग ट्रेंड कर रहे हैं, जहां समर्थक हजारों की संख्या में जेल के बाहर प्रदर्शन कर रहे हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि यह अफवाहें तालिबान-पाकिस्तान तनाव का नतीजा हो सकती हैं।

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इमरान खान को जेल में बंद रखने का कारण कई आपराधिक मुकदमे हैं, जिन्हें वे राजनीतिक साजिश बताते हैं। अगस्त 2023 से वे आदियाला जेल में हैं, जब टोशाखाना मामले में तीन साल की सजा सुनाई गई। इसमें आरोप था कि उन्होंने प्रधानमंत्री रहते विदेशी यात्राओं पर मिले उपहार (जैसे घड़ियां, ज्वेलरी) बेचकर 14 करोड़ रुपये कमाए, जो राज्य संपत्ति थे। मई 2023 में नेशनल अकाउंटेबिलिटी ब्यूरो (NAB) ने अल-कादिर ट्रस्ट मामले में गिरफ्तार किया, जहां रियल एस्टेट टाइकून मलिक रियाज से जमीन घूस के रूप में ली गई। जनवरी 2025 में इस मामले में 14 साल की सजा मिली। इसके अलावा, साइफर केस (गुप्त दस्तावेज लीक) में 10 साल, शादी कानून उल्लंघन में 7 साल और 9 मई 2023 के दंगों को भड़काने के आरोप हैं। सुप्रीम कोर्ट ने कुछ गिरफ्तारियां अवैध बताईं, लेकिन मुकदमे जारी हैं। इमरान का कहना है कि ये सेना और सत्ता विरोधियों की चाल हैं।

पाकिस्तान की राजनीति में इमरान खान अभी भी लोकप्रिय हैं। 2024 चुनाव में उनके समर्थक उम्मीदवारों ने सबसे ज्यादा सीटें जीतीं, लेकिन बहुमत न मिलने से गठबंधन सरकार बनी। अप्रैल 2022 में अविश्वास प्रस्ताव से सत्ता से हटाए गए इमरान ने सेना पर सत्ता हथियाने का आरोप लगाया। हाल के संवैधानिक संशोधनों से आसिम मुनीर को और ताकत मिली है, जो जुल्फिकार अली भुट्टो के समय की याद दिलाता है। पीटीआई ने 108 नेताओं को 2023 दंगों में सजा का विरोध किया। इमरान का अंतिम एक्स पोस्ट (5 नवंबर 2025) में मुनीर को जिम्मेदार ठहराया गया। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर, उनके समर्थक लंदन में प्रदर्शन कर रहे हैं। यह संकट पाकिस्तान की स्थिरता के लिए खतरा है।

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इमरान खान की जेल यात्रा पाकिस्तान के सैन्य-राजनीतिक संघर्ष को उजागर करती है। अफवाहों के बीच पारदर्शिता की मांग बढ़ रही है। आने वाले दिनों में अपील कोर्ट के फैसले और प्रदर्शन नजर रखने लायक होंगे।

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