दिल्ली ब्लास्ट: लाल किला के पास कार में हुआ बड़ा धमाका, अब तक 12 लोगों की मौत; NIA कर रही जांच
- दिल्ली एक बार फिर दहली! लाल किला मेट्रो स्टेशन के करीब कार में भीषण धमाका, 12 लोगों की मौत; PM मोदी ने कहा- दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा
- गृह मंत्रालय ने जांच NIA को सौंपी; सुरक्षा कारणों से लाल किला तीन दिनों के लिए बंद; कई डॉक्टरों के ‘स्लीपर सेल’ से जुड़े होने की आशंका।
नई दिल्ली: देश की राजधानी दिल्ली में बीते सोमवार, 10 नवंबर 2025 की शाम को एक बड़ा आतंकी हमला हुआ। लाल किला मेट्रो स्टेशन के गेट नंबर 1 के पास नेताजी सुभाष मार्ग पर खड़ी एक आई-20 कार (i20 Car Blast) में भीषण विस्फोट हुआ, जिससे इलाका दहल उठा। इस दर्दनाक घटना में मरने वालों की संख्या बढ़कर 12 हो गई है, जबकि 20 से अधिक लोग घायल बताए जा रहे हैं।
धमाका इतना ज़ोरदार था कि इसकी आवाज़ कई किलोमीटर दूर तक सुनी गई और आसपास की कई गाड़ियाँ भी क्षतिग्रस्त हो गईं।
घटना की गंभीरता को देखते हुए, केंद्रीय गृह मंत्रालय ने तुरंत इस मामले की जांच राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) को सौंप दी है। दिल्ली पुलिस ने भी आधिकारिक तौर पर इसे आतंकी घटना करार देते हुए गैरकानूनी गतिविधियाँ (रोकथाम) अधिनियम (UAPA) के तहत मामला दर्ज किया है।
- मृतक संख्या: 12
- घायलों की संख्या: 20+
- जांच एजेंसी: राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA)
- स्थान: लाल किला मेट्रो स्टेशन गेट नंबर 1 के पास, नई दिल्ली।
दिल्ली में हुए इस भीषण विस्फोट पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गहरा दुख व्यक्त किया है। उन्होंने अपने बयान में स्पष्ट किया कि, “दिल्ली विस्फोट के षड्यंत्रकारियों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा और जांच एजेंसियां मामले की तह तक जाएंगी।”
जांच एजेंसियों को इस मामले में कुछ चौंकाने वाले सुराग मिले हैं।
- कश्मीर कनेक्शन: सूत्रों के अनुसार, NIA की छापेमारी के दौरान कुछ मेडिकल कॉलेजों और अस्पतालों में स्लीपर सेल नेटवर्क चला रहे डॉक्टरों और पूर्व मौलवियों के तार सामने आए हैं।
- हथियारों की बरामदगी: फरीदाबाद और लखनऊ में हुई छापेमारी के दौरान एक डॉक्टर के लॉकर से AK-47 जैसे खतरनाक हथियार और अन्य विस्फोटक सामग्री बरामद होने की खबर है।
- लाल किला बंद: सुरक्षा और क्राइम सीन की जांच के कारण लाल किले को 11 नवंबर से 13 नवंबर तक, तीन दिनों के लिए पर्यटकों के लिए बंद कर दिया गया है।
पुलिस और सुरक्षा एजेंसियां मामले की गहराई से जांच कर रही हैं और आने वाले दिनों में और गिरफ्तारियां होने की संभावना है। देश की राजधानी में 14 साल बाद हुए इस बड़े आतंकी हमले ने एक बार फिर सुरक्षा व्यवस्था को लेकर चिंताएं बढ़ा दी हैं।