जयपुर डंपर हादसा: 14 मौतों के बाद आरोपी ड्राइवर पर गैर-इरादतन हत्या का FIR, नशे में धुत था कल्याण मीणा
जयपुर, 4 नवंबर 2025: राजस्थान की राजधानी जयपुर में सोमवार दोपहर एक दिल दहला देने वाली घटना ने पूरे देश को स्तब्ध कर दिया। हरमाड़ा इलाके के लोहा मंडी क्षेत्र में एक तेज रफ्तार डंपर ने 17 से अधिक वाहनों को रौंद डाला, जिसमें 14 लोगों की मौके पर ही मौत हो गई। हादसे में 12-13 लोग घायल हुए, जिनमें कई की हालत गंभीर बनी हुई है। पुलिस ने आरोपी ड्राइवर कल्याण मीणा (विराटनगर, जयपुर निवासी) के खिलाफ गैर-इरादतन हत्या (IPC धारा 304A) सहित अन्य धाराओं में FIR दर्ज कर ली है। ड्राइवर को गिरफ्तार कर लिया गया है, जो फिलहाल अस्पताल में भर्ती है।
पुलिस जांच के अनुसार, हादसा दोपहर करीब 1 बजे रोड नंबर-14 पर हुआ। डंपर ड्राइवर कल्याण मीणा ने लोहा मंडी पेट्रोल पंप के पास एक कार सवार से कहासुनी की। गुस्से में आग बबूला होकर वह नशे की हालत में डंपर को रॉन्ग साइड में ले गया और 100 किमी/घंटा से अधिक की रफ्तार से दौड़ा दिया। लगभग 5 किलोमीटर तक तांडव मचाते हुए डंपर ने स्कूटर सवारों, कारों, मोटरसाइकिलों और पैदल चलने वालों को कुचल डाला। आखिरकार, दिल्ली-अजमेर हाईवे पर एक ट्रेलर से टकराने के बाद यह रुक गया।
सीसीटीवी फुटेज में साफ दिखा कि डंपर ने एक-एक कर 17 वाहनों को टक्कर मारी। शव सड़क पर बिखरे पड़े थे, कई शरीर टुकड़ों में बंट गए—किसी का हाथ कट गया तो किसी का पैर। सड़क खून से लाल हो गई। प्रत्यक्षदर्शी महेश शर्मा ने बताया, “हर तरफ चीखें गूंज रही थीं। क्षतिग्रस्त गाड़ियों से शव निकालना पड़ रहा था। यह किसी नरसंहार जैसा था।” डंपर के पीछे लिखा था—’दम है तो पास कर, वरना बर्दाश्त कर’—जो इस खूनी खेल का प्रतीक बन गया।
जयपुर पुलिस ने कल्याण मीणा के खिलाफ IPC की धारा 304A (गैर-इरादतन हत्या), 279 (लापरवाही से वाहन चलाना), 337 (चोट पहुंचाना) और मोटर व्हीकल एक्ट की धाराओं में मुकदमा दर्ज किया है। अगर नशे की पुष्टि हुई तो धारा 304 (हत्या) भी जोड़ी जा सकती है, जिसमें 10 साल से आजीवन कारावास की सजा हो सकती है। ड्राइवर नशे में धुत होने की वजह से ब्रेक भी नहीं लगा पाया। लोगों ने उसे पकड़कर पुलिस के हवाले किया, लेकिन गुस्से में मारपीट भी की।
ट्रैफिक पुलिस के CI सहित 3 अधिकारी सस्पेंड कर दिए गए हैं। जिला कलेक्टर जितेंद्र सोनी ने बताया कि घायलों को SMS अस्पताल के ट्रॉमा सेंटर में भर्ती कराया गया है। 7 शवों की अभी पहचान नहीं हो पाई है। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने शोक व्यक्त करते हुए मृतकों के परिजनों को 20-20 लाख रुपये की सहायता और घायलों को 5 लाख की मदद का ऐलान किया।
यह घटना राजस्थान में बढ़ते सड़क हादसों की पोल खोलती है। विशेषज्ञों का कहना है कि डंपर मालिकों को ड्राइवरों की फिटनेस चेक, अल्कोहल टेस्ट और वाहनों की जांच अनिवार्य करनी चाहिए। जर्मनी जैसे देशों में ऐसी लापरवाही पर मालिक की संपत्ति कुर्क हो जाती है। जयपुर पुलिस ने जांच तेज कर दी है, लेकिन सवाल वही है—कब सुधरेगी सड़क सुरक्षा?
एडिटोरियल टीम, द न्यूजवाला (www.thenewswala.com)