चपरासी भर्ती परीक्षा में स्मार्ट-वॉच से चीटिंग: जयपुर में इंजीनियर गिरफ्तार, वॉट्सऐप पर लीक किया प्रश्न पत्र
जयपुर, 20 सितंबर 2025: राजस्थान ग्रेड फोर्थ (चपरासी) भर्ती परीक्षा में एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जहां एक इंजीनियर ने स्मार्ट-वॉच का उपयोग करके परीक्षा केंद्र से प्रश्न पत्र लीक करने की कोशिश की। जयपुर पुलिस ने इस हाई-टेक चीटिंग रैकेट का पर्दाफाश करते हुए आरोपी इंजीनियर को गिरफ्तार किया है।
19 सितंबर से शुरू हुई चपरासी भर्ती परीक्षा के पहले दिन जयपुर के एक परीक्षा केंद्र में यह घटना घटी। कर्मचारी चयन बोर्ड की सतर्कता के बाद पुलिस को सूचना मिली कि एक अभ्यर्थी, जो पेशे से इंजीनियर है, स्मार्ट-वॉच के जरिए प्रश्न पत्र की तस्वीरें लेकर उसे वॉट्सऐप के माध्यम से बाहर भेज रहा था। पुलिस ने तुरंत कार्रवाई करते हुए आरोपी को हिरासत में लिया और उसके पास से स्मार्ट-वॉच, मोबाइल फोन और अन्य इलेक्ट्रॉनिक उपकरण बरामद किए।
पुलिस जांच में पता चला कि आरोपी ने प्रश्न पत्र को लीक करने के लिए एक सुनियोजित साजिश रची थी। वह स्मार्ट-वॉच के जरिए प्रश्न पत्र की तस्वीरें ले रहा था और उन्हें अपने साथियों को भेज रहा था, जो बाहर से जवाब तैयार कर रहे थे। इस मामले में अन्य संदिग्धों की तलाश जारी है।
जयपुर पुलिस ने इस मामले में कड़ी कार्रवाई करते हुए आरोपी के खिलाफ आईपीसी की धारा 420 (धोखाधड़ी) और अन्य संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज किया है। पुलिस उपायुक्त (जयपुर दक्षिण) ने बताया, “यह एक गंभीर अपराध है, जो न केवल परीक्षा की पारदर्शिता को प्रभावित करता है, बल्कि मेहनती अभ्यर्थियों के साथ अन्याय करता है। हम इस तरह की गतिविधियों पर कड़ी नजर रख रहे हैं।”
कर्मचारी चयन बोर्ड के अध्यक्ष आलोक राज ने कहा, “परीक्षा की निष्पक्षता सुनिश्चित करने के लिए हमने कड़े कदम उठाए हैं। इस बार 1700 अभ्यर्थियों पर डमी होने का शक है, जिनकी जांच चल रही है। ऐसे मामलों में संलिप्त लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।”
हाल के वर्षों में स्मार्ट-वॉच और अन्य हाई-टेक उपकरणों का उपयोग करके परीक्षा में नकल करने के मामले बढ़े हैं। इससे पहले राजस्थान हाईकोर्ट की जूनियर क्लर्क भर्ती परीक्षा-2022 में भी ब्लूटूथ डिवाइस के जरिए नकल का मामला सामने आया था, जिसमें दो अभ्यर्थियों को गिरफ्तार किया गया था।
पुलिस और परीक्षा बोर्ड ने अभ्यर्थियों से अपील की है कि वे ऐसी गैरकानूनी गतिविधियों से दूर रहें, क्योंकि इससे न केवल उनका भविष्य खतरे में पड़ सकता है, बल्कि कानूनी कार्रवाई का भी सामना करना पड़ सकता है।