हिमाचल के चंबा में भूस्खलन से 11 की मौत, उत्तराखंड में बादल फटने से 5 मरे, पंजाब के फिरोजपुर में 62 गांव डूबे

उत्तर भारत में प्राकृतिक आपदाओं की एक श्रृंखला ने हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड और पंजाब को बुरी तरह प्रभावित किया है। भूस्खलन, बादल फटने और बाढ़ ने भारी तबाही मचाई है, जिसमें कई लोगों की जान गई और संपत्ति का भारी नुकसान हुआ है। हिमाचल प्रदेश के चंबा जिले में मॉनसून की भारी बारिश के कारण कई भूस्खलन हुए, जिनमें कम से कम 11 लोगों की जान चली गई। बसोंधन गांव में एक भाई-बहन की जोड़ी ढहती पहाड़ी के नीचे दबकर मर गई, जबकि मेहला में दो अलग-अलग भूस्खलन में दो महिलाओं की मौत हो गई। अधिकारियों के अनुसार, नौ अन्य लोग लापता हैं, और रावी नदी के उफान के कारण एक पूरा गांव जलमग्न हो गया है। इस मॉनसून सीजन में राज्य में 90 फ्लैश फ्लड, 42 बादल फटने और 85 बड़े भूस्खलन दर्ज किए गए हैं, जिससे 2,600 करोड़ रुपये से अधिक का नुकसान हुआ है। बचाव कार्य जारी हैं, जिसमें भारतीय सेना, एनडीआरएफ और एसडीआरएफ अवरुद्ध सड़कों और बाधित संचार लाइनों के बीच बचे लोगों की तलाश में जुटे हैं।

उत्तराखंड के उत्तरकाशी जिले में खीर गंगा नदी के ऊपरी क्षेत्र में एक बड़े बादल फटने से धराली गांव में विनाशकारी बाढ़ आ गई, जिसमें कम से कम पांच लोगों की मौत हो गई। बाढ़ ने घरों, होटलों और सेना के एक शिविर के कुछ हिस्सों को बहा दिया, जिसमें नौ सैनिकों सहित 100 से अधिक लोग लापता हैं। भारतीय सेना, एनडीआरएफ, एसडीआरएफ और आईटीबीपी ने लगभग 190 लोगों को बचाया है, लेकिन क्षतिग्रस्त सड़कें और लगातार भारी बारिश बचाव कार्यों में बाधा डाल रही हैं। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) ने उत्तरकाशी, चमोली और रुद्रप्रयाग जैसे पहाड़ी जिलों में अत्यधिक भारी बारिश की चेतावनी के साथ रेड अलर्ट जारी किया है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने प्रभावित क्षेत्रों का दौरा कर बचाव कार्यों का जायजा लिया। पंजाब के फिरोजपुर जिले में भयंकर बाढ़ ने 62 गांवों को जलमग्न कर दिया है, जिसके चलते बड़े पैमाने पर बचाव अभियान चलाया गया है, जिसमें अब तक 2,500 लोगों को सुरक्षित निकाला गया है। भारी बारिश के कारण नदियां और नाले उफान पर हैं, जिससे घर और खेत जलमग्न हो गए हैं। जिला प्रशासन, एनडीआरएफ और स्थानीय अधिकारियों की टीमें चौबीसों घंटे लोगों को निकालने और राहत प्रदान करने में जुटी हैं। आपातकालीन आश्रय स्थल बनाए गए हैं, और प्रभावित लोगों को भोजन और चिकित्सा सहायता वितरित की जा रही है। आईएमडी ने आने वाले दिनों में और बारिश की भविष्यवाणी की है, जिससे बाढ़ प्रभावित क्षेत्र में स्थिति और गंभीर हो सकती है।

यह भी देखें  ट्रम्प के बेटे डोनाल्ड ट्रम्प जूनियर पत्नी संग ताजमहल देखने पहुंचे: 'वाह ताज!' कहते हुए 45 मिनट तक निहारा सौंदर्य

प्रभावित राज्यों में, बचाव दल प्रतिकूल परिस्थितियों में काम कर रहे हैं। www.thenewswala.com स्थिति पर नजर रख रहा है और नवीनतम अपडेट प्रदान करता रहेगा। प्रभावित क्षेत्रों में रहने वाले लोगों से सतर्क रहने और स्थानीय प्रशासन द्वारा जारी दिशानिर्देशों का पालन करने की अपील की गई है।

About Author

Leave a Reply

error: Content is protected !!