मंत्री विजय शाह के खिलाफ 4 घंटे में FIR दर्ज करने के निर्देश

  • मध्य प्रदेश हाईकोर्ट का सख्त आदेश: मंत्री विजय शाह के खिलाफ 4 घंटे में FIR दर्ज करने के निर्देश

जबलपुर, 14 मई 2025: मध्य प्रदेश हाईकोर्ट की जबलपुर बेंच ने राज्य के कैबिनेट मंत्री विजय शाह द्वारा भारतीय सेना की कर्नल सोफिया कुरैशी के खिलाफ दिए गए आपत्तिजनक बयान पर सख्त रुख अपनाया है। कोर्ट ने स्वतः संज्ञान लेते हुए पुलिस महानिदेशक (DGP) को निर्देश दिया है कि मंत्री शाह के खिलाफ 4 घंटे के भीतर FIR दर्ज की जाए। यह आदेश जस्टिस अतुल श्रीधरन और जस्टिस अनुराधा शुक्ला की खंडपीठ ने बुधवार को जारी किया।

मध्य प्रदेश के जनजातीय कल्याण मंत्री विजय शाह ने इंदौर के पास रामकुंडा गांव में एक जनसभा को संबोधित करते हुए कर्नल सोफिया कुरैशी के खिलाफ आपत्तिजनक टिप्पणी की थी। शाह ने ‘ऑपरेशन सिंदूर’ का जिक्र करते हुए कर्नल सोफिया को “आतंकवादियों की बहन” कहकर संबोधित किया और कहा, “जिन्होंने हमारी बहनों के सिंदूर उजाड़े, हमने उनकी बहन को भेजकर उनकी ऐसी-तैसी करवाई।” इस बयान का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद देशभर में विवाद खड़ा हो गया।

कर्नल सोफिया कुरैशी ने ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के दौरान भारतीय सेना की ओर से प्रेस ब्रीफिंग में अहम भूमिका निभाई थी। यह ऑपरेशन 7 मई को पाकिस्तान और PoK में आतंकी ठिकानों पर हमले के लिए शुरू किया गया था, जो 22 अप्रैल को पहलगाम आतंकी हमले का जवाब था, जिसमें 26 लोगों की जान गई थी।

हाईकोर्ट ने इस मामले को गंभीरता से लेते हुए कहा कि शाह का बयान न केवल सेना की गरिमा को ठेस पहुंचाता है, बल्कि यह धार्मिक आधार पर वैमनस्य को बढ़ावा देने वाला और राष्ट्रीय एकता के लिए खतरा है। कोर्ट ने प्रथम दृष्टया भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 152 (राष्ट्र की एकता और अखंडता को खतरे में डालने वाला कृत्य) और धारा 192 (धार्मिक आधार पर समूहों में वैमनस्य को बढ़ावा देना) के तहत अपराध पाया।

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खंडपीठ ने DGP को बुधवार शाम 6 बजे तक FIR दर्ज करने और अनुपालन रिपोर्ट प्रस्तुत करने का आदेश दिया। कोर्ट ने यह भी चेतावनी दी कि आदेश का पालन न करने पर DGP के खिलाफ अवमानना की कार्रवाई शुरू की जाएगी। अगली सुनवाई गुरुवार सुबह 10:30 बजे निर्धारित की गई है।

विजय शाह के बयान ने सियासी तूफान खड़ा कर दिया है। कांग्रेस ने इस बयान को सेना और महिलाओं का अपमान बताते हुए शाह की बर्खास्तगी की मांग की है। कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने X पर लिखा, “मध्य प्रदेश के बीजेपी सरकार के मंत्री ने हमारी वीर बेटी कर्नल सोफिया कुरैशी के बारे में अत्यंत अपमानजनक और शर्मनाक टिप्पणी की है।” मध्य प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी ने भी शाह के खिलाफ देशभर के थानों में FIR दर्ज करने की चेतावनी दी है।

विवाद बढ़ने के बाद शाह ने मंगलवार को माफी मांगते हुए कहा, “मेरे परिवार का सैन्य पृष्ठभूमि है और कई सदस्य शहीद हुए हैं। कर्नल सोफिया ने देश का मान बढ़ाया है। अगर मेरे शब्दों से किसी को ठेस पहुंची है, तो मैं दस बार माफी मांगने को तैयार हूं।” हालांकि, कोर्ट और विपक्ष ने उनकी माफी को नाकाफी माना।

कांग्रेस, समाजवादी पार्टी, और बसपा सहित कई दलों ने शाह के बयान की कड़ी निंदा की है। बसपा प्रमुख मायावती ने इसे “बेहद दुखद और शर्मनाक” बताया और सांप्रदायिक सौहार्द बिगाड़ने की कोशिश करार दिया। इंदौर, भोपाल, रतलाम और जबलपुर में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने शाह के खिलाफ प्रदर्शन किए और कई स्थानों पर उनके खिलाफ शिकायत दर्ज की गई। राष्ट्रीय महिला आयोग ने भी बिना नाम लिए शाह के बयान की निंदा की और सैन्य वर्दी में महिलाओं के सम्मान की बात कही।

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सूत्रों के अनुसार, मध्य प्रदेश की मोहन यादव सरकार शाह के खिलाफ कार्रवाई पर विचार कर रही है। कुछ स्थानीय मीडिया रिपोर्ट्स में संकेत मिले हैं कि शाह को गुरुवार तक उनके पद से हटाया जा सकता है, हालांकि बीजेपी की ओर से इस पर कोई आधिकारिक बयान नहीं आया है। बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष वीडी शर्मा ने शाह को उनके बयान के लिए चेतावनी दी है और कर्नल सोफिया के पैतृक घर छतरपुर के नौगांव में एक बीजेपी नेता को माफी मांगने के लिए भेजा गया।

इस घटनाक्रम ने देश में सेना के सम्मान और सांप्रदायिक सौहार्द के मुद्दे पर एक नई बहस छेड़ दी है। कर्नल सोफिया कुरैशी, जो 2016 में बहुराष्ट्रीय सैन्य अभ्यास में भारतीय दल का नेतृत्व करने वाली पहली महिला बनी थीं, ने अपनी बहादुरी और समर्पण से देश का गौरव बढ़ाया है। अब सभी की नजरें इस मामले में कोर्ट और सरकार के अगले कदम पर टिकी हैं।

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