ताजमहल पर पाकिस्तान के हमले का फर्जी वीडियो वायरल, आगरा पुलिस ने की कार्रवाई
आगरा पुलिस कमिश्नरेट ने इस मामले में तुरंत संज्ञान लेते हुए जांच शुरू की। पुलिस के अनुसार, यह वीडियो AI तकनीक का उपयोग करके बनाया गया है और इसका उद्देश्य भारत-पाकिस्तान के बीच चल रहे तनाव का फायदा उठाकर दहशत फैलाना था। वीडियो को “पाकिस्तान ने ताजमहल पर हमला किया” जैसे भ्रामक कैप्शन के साथ कई सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर शेयर किया गया। पुलिस ने स्पष्ट किया कि ताजमहल पर कोई हमला नहीं हुआ है और यह स्मारक पूरी तरह सुरक्षित है। डीसीपी सिटी सोनम कुमार ने बताया कि वीडियो को बनाने और शेयर करने वालों की पहचान की जा रही है। इसके लिए साइबर सेल की मदद ली जा रही है। वीडियो पोस्ट करने वालों के खिलाफ FIR दर्ज की जा रही है और सख्त कार्रवाई की जाएगी। पुलिस ने लोगों से अपील की है कि वे इस तरह के भ्रामक कंटेंट को शेयर न करें और अफवाहों पर ध्यान न दें
पुलिस ने अपने आधिकारिक सोशल मीडिया हैंडल पर भी एक बयान जारी कर कहा, “आगरा में ऐसी कोई घटना नहीं हुई है। यह वीडियो AI-जनरेटेड और फर्जी है। कृपया इसे पोस्ट या शेयर न करें।” ताजमहल की सुरक्षा को लेकर पहले से ही हाई अलर्ट जारी है, खासकर ऑपरेशन सिंदूर के बाद, जिसके तहत भारत ने पाकिस्तान के आतंकी ठिकानों पर कार्रवाई की थी। मौजूदा भारत-पाकिस्तान तनाव के बीच इस तरह के फर्जी वीडियो दहशत फैलाने और सामाजिक सौहार्द बिगाड़ने की कोशिश का हिस्सा माने जा रहे हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि AI तकनीक का दुरुपयोग कर भ्रामक कंटेंट बनाना अब एक बड़ी चुनौती बन चुका है। आम जनता से अनुरोध है कि वे केवल विश्वसनीय स्रोतों से जानकारी लें और सोशल मीडिया पर वायरल होने वाले वीडियो की सत्यता की जांच करें।