महादेव बेटिंग ऐप केस: जयपुर में ड्राई-फ्रूट व्यापारी के घर ED की ताबड़तोड़ छापेमारी
16 अप्रैल 2025 | The Newswala जयपुर: महादेव बेटिंग ऐप घोटाले में प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने राजस्थान की राजधानी जयपुर में बड़ी कार्रवाई की है। बुधवार सुबह ED की टीम ने सोडाला क्षेत्र में एक ड्राई-फ्रूट व्यापारी भरत दाधीच के घर और ठिकानों पर छापेमारी शुरू की। यह कार्रवाई 40 हजार करोड़ रुपये के इस हाई-प्रोफाइल ऑनलाइन सट्टेबाजी घोटाले से जुड़ी है, जिसके तार दुबई तक फैले हैं।
सूत्रों के अनुसार, छत्तीसगढ़ के रायपुर से आई ED की विशेष टीम ने जयपुर पुलिस के सहयोग से यह छापेमारी की। कार्रवाई सुबह शुरू हुई और देर रात तक चलने की संभावना है। भरत दाधीच के घर और उनके व्यापारिक प्रतिष्ठानों पर जांच चल रही है। ED को संदेह है कि दाधीच का इस घोटाले से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग नेटवर्क से संबंध हो सकता है। महादेव बेटिंग ऐप एक ऑनलाइन सट्टेबाजी प्लेटफॉर्म है, जिसके जरिए क्रिकेट, फुटबॉल, टेनिस, पोकर और कार्ड गेम्स जैसे खेलों पर अवैध सट्टेबाजी की जाती थी। इस ऐप के मुख्य संचालक सौरभ चंद्राकर और रवि उप्पल हैं, जो दुबई से इसे ऑपरेट करते थे। ED की जांच में खुलासा हुआ कि इस ऐप के जरिए 6,000 करोड़ रुपये से अधिक की मनी लॉन्ड्रिंग की गई। सौरभ चंद्राकर को पिछले साल अक्टूबर में दुबई में इंटरपोल ने हिरासत में लिया था, और उसे भारत लाने की प्रक्रिया जारी है।
ED को जानकारी मिली थी कि जयपुर में कुछ कारोबारी इस सट्टेबाजी नेटवर्क से जुड़े हो सकते हैं। भरत दाधीच के ड्राई-फ्रूट व्यवसाय को कथित तौर पर हवाला और मनी लॉन्ड्रिंग के लिए इस्तेमाल किया गया हो सकता है। जांच एजेंसी दाधीच के बैंक खातों, संपत्तियों और उनके व्यापारिक लेनदेन की जांच कर रही है। इसके अलावा, ED ने दिल्ली, मुंबई, चंडीगढ़, अहमदाबाद, इंदौर, चेन्नई और संबलपुर सहित 15 अन्य स्थानों पर भी छापेमारी की है।
महादेव बेटिंग ऐप केस ने कई बड़े नामों को सुर्खियों में ला दिया है। इसकी जांच में बॉलीवुड के कई सितारे, राजनेता, नौकरशाह और पुलिस अधिकारी शामिल हैं। सौरभ चंद्राकर की दुबई में हुई शादी में 17 बॉलीवुड हस्तियों के शामिल होने का खुलासा हुआ था, जिसके बाद रणबीर कपूर और श्रद्धा कपूर जैसे सितारों से पूछताछ की गई। इसके अलावा, छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल का नाम भी इस केस से जोड़ा गया, हालांकि उन्होंने इन आरोपों को खारिज किया है। ED ने इस मामले में अब तक 388 करोड़ रुपये की संपत्तियां जब्त की हैं, जिसमें मॉरीशस स्थित कंपनी के निवेश और हरी शंकर तिब्रेवाल से जुड़े FDI और FPI शामिल हैं। जांच में 19.36 करोड़ रुपये की नकदी और 16.68 करोड़ रुपये की कीमती वस्तुएं भी जब्त की गई हैं। 11 लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है, और CBI ने हाल ही में चार राज्यों में 60 ठिकानों पर छापेमारी की थी।