वक़्फ़ के पास कहाँ और कितनी संपत्ति है?

नई दिल्ली, 04 अप्रैल 2025: भारत में वक्फ बोर्ड के पास मौजूद संपत्तियों की संख्या और उनके विस्तार ने एक बार फिर सुर्खियाँ बटोरी हैं। केंद्रीय अल्पसंख्यक मामलों के मंत्रालय के अनुसार, देशभर में वक्फ की कुल 8.72 लाख अचल संपत्तियाँ दर्ज हैं, जो लगभग 9.4 लाख एकड़ जमीन पर फैली हुई हैं। इनकी अनुमानित बाजार कीमत 1.2 लाख करोड़ रुपये से अधिक बताई जा रही है, जिसके चलते वक्फ को भारतीय रेलवे और सशस्त्र बलों के बाद देश का तीसरा सबसे बड़ा भूस्वामी माना जाता है।

सबसे ज्यादा वक्फ संपत्तियाँ उत्तर प्रदेश में हैं, जहाँ सुन्नी वक्फ बोर्ड के पास 2.17 लाख और शिया वक्फ बोर्ड के पास 15,386 संपत्तियाँ हैं। इसके बाद पश्चिम बंगाल (80,480), तेलंगाना (77,000), कर्नाटक (62,830), और तमिलनाडु (60,223) का नंबर आता है। दिल्ली में भी मस्जिदों और कब्रिस्तानों सहित कई महत्वपूर्ण वक्फ संपत्तियाँ मौजूद हैं। हालांकि, मिजोरम, नगालैंड और सिक्किम जैसे राज्यों में वक्फ की कोई संपत्ति नहीं है।

केंद्र सरकार ने वक्फ असेट मैनेजमेंट सिस्टम ऑफ इंडिया (WAMSI) के डेटा का हवाला देते हुए बताया कि 2006 में सच्चर समिति की रिपोर्ट के समय वक्फ की संपत्तियाँ 4.9 लाख थीं, जो अब बढ़कर 8.72 लाख हो गई हैं। इनमें मस्जिदें, मदरसे, कब्रिस्तान, ईदगाह, और कृषि भूमि शामिल हैं। सरकार का दावा है कि इन संपत्तियों का बेहतर प्रबंधन गरीब मुस्लिम समुदाय के लिए फायदेमंद हो सकता है।

हालांकि, वक्फ संशोधन विधेयक 2024 को लेकर विवाद जारी है। विपक्ष का कहना है कि यह बिल वक्फ की स्वायत्तता को खत्म करेगा, जबकि सरकार इसे पारदर्शिता और सुधार का कदम बता रही है। इस बीच, वक्फ संपत्तियों की विशालता और उनके उपयोग पर बहस तेज हो गई है।

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यह समाचार बीबीसी लेख से प्रेरित है, लेकिन इसे मौलिक रूप से लिखा गया है

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