वक्फ संशोधन बिल : ओवैसी और कांग्रेस सांसद ने सुप्रीम कोर्ट का किया रुख
जयपुर, 04 अप्रैल 2025: वक्फ संशोधन बिल 2025 को लेकर राजनीतिक और कानूनी हलचल तेज हो गई है। ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (AIMIM) के प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी और कांग्रेस सांसद मोहम्मद जावेद ने इस बिल के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की है। दोनों नेताओं ने इसे असंवैधानिक और मुस्लिम समुदाय के अधिकारों पर हमला करार दिया है। दूसरी ओर, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस बिल का बचाव करते हुए कहा कि यह वक्फ संपत्तियों के प्रबंधन में पारदर्शिता लाएगा और गरीब मुसलमानों के हित में है।
ओवैसी ने अपनी याचिका में दावा किया कि यह बिल संविधान के अनुच्छेद 14, 25 और 26 का उल्लंघन करता है, जो समानता, धार्मिक स्वतंत्रता और धार्मिक मामलों के प्रबंधन की गारंटी देता है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार इस कानून के जरिए वक्फ संपत्तियों पर नियंत्रण करना चाहती है। वहीं, बिहार के किशनगंज से कांग्रेस सांसद मोहम्मद जावेद ने भी अपनी याचिका में इसे भेदभावपूर्ण बताते हुए रद्द करने की मांग की।
इस बीच, पीएम मोदी ने कहा, “यह बिल वक्फ व्यवस्था में सुधार का एक कदम है। इससे पारदर्शिता बढ़ेगी और वक्फ संपत्तियों का दुरुपयोग रुकेगा।” उन्होंने विपक्ष पर मुस्लिम समुदाय को गुमराह करने का भी आरोप लगाया। बिल हाल ही में लोकसभा और राज्यसभा से पारित हो चुका है और अब राष्ट्रपति की मंजूरी का इंतजार कर रहा है।
विपक्षी दलों का कहना है कि यह कानून धार्मिक स्वायत्तता को कमजोर करता है, जबकि सत्तारूढ़ दल इसे सुधार की दिशा में एक जरूरी कदम बता रहा है। सुप्रीम कोर्ट में दायर याचिकाओं के बाद इस मामले में कानूनी जंग और तेज होने की संभावना है।