देवनानी का जूली पर तंज- ‘मेरे सिर पर चढ़ रहे हो’
जयपुर: राजस्थान विधानसभा में सोमवार को उस समय तनावपूर्ण माहौल बन गया, जब विधानसभा अध्यक्ष वासुदेव देवनानी ने नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली को सवाल पूछने की अनुमति नहीं दी। इस दौरान देवनानी ने जूली से नाराजगी भरे लहजे में कहा, “आप मेरे सिर पर चढ़ रहे हो।” इस घटना के बाद कांग्रेस विधायकों ने सदन में हंगामा किया और अंततः वॉकआउट कर अपना विरोध दर्ज कराया। sadan में प्रश्नकाल के दौरान नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली ने एक मुद्दे पर सवाल उठाने की कोशिश की, लेकिन अध्यक्ष देवनानी ने उन्हें बोलने से रोक दिया। सूत्रों के मुताबिक, जूली लगातार अपनी बात रखने की कोशिश कर रहे थे, जिस पर अध्यक्ष ने आपत्ति जताई। देवनानी ने कहा, “आपको हर बार बोलने की जरूरत नहीं है, नियमों का पालन करें।” इसके जवाब में जूली ने आरोप लगाया कि विपक्ष की आवाज को दबाया जा रहा है। देवनानी के इस रुख से नाराज कांग्रेस विधायकों ने सदन में नारेबाजी शुरू कर दी। उन्होंने सरकार और अध्यक्ष पर लोकतंत्र की अनदेखी का आरोप लगाया। कुछ देर तक चले हंगामे के बाद कांग्रेस विधायकों ने सदन से वॉकआउट कर लिया। बाहर निकलने के बाद जूली ने मीडिया से कहा, “यह सरकार विपक्ष को बोलने का अधिकार तक नहीं देना चाहती। विधानसभा में लोकतंत्र का गला घोंटा जा रहा है।” दूसरी ओर, सत्तारूढ़ भाजपा ने कांग्रेस के इस कदम को नाटक करार दिया। संसदीय कार्यमंत्री जोगेश्वर गर्ग ने कहा, “विपक्ष को हर मुद्दे पर बोलने का मौका दिया जाता है, लेकिन उन्हें नियमों का पालन करना चाहिए। बेवजह का हंगामा करना उनकी पुरानी आदत है।” उन्होंने यह भी जोड़ा कि अध्यक्ष का फैसला नियमों के दायरे में था। यह पहली बार नहीं है जब राजस्थान विधानसभा में अध्यक्ष और विपक्ष के बीच तनातनी देखी गई हो। इससे पहले भी कई मौकों पर कांग्रेस और सत्ता पक्ष के बीच इसी तरह के टकराव सामने आ चुके हैं। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि मौजूदा सत्र में यह विवाद और गहरा सकता है, क्योंकि कई अहम मुद्दों पर दोनों पक्ष आमने-सामने हैं। कांग्रेस ने इस घटना के बाद सरकार के खिलाफ आंदोलन तेज करने की बात कही है। पार्टी नेताओं का कहना है कि वे जनता के मुद्दों को उठाने से पीछे नहीं हटेंगे। वहीं, सत्ता पक्ष ने इसे महज राजनीतिक ड्रामा करार देते हुए कहा कि वे विधानसभा को सुचारू रूप से चलाने के लिए प्रतिबद्ध हैं। फिलहाल, यह घटना राजस्थान की सियासत में एक नया तूल पकड़ती नजर आ रही है। आने वाले दिनों में इस मुद्दे पर और बहस होने की संभावना है।