सफलता निजी नहीं होती -श्याम नन्दन पाण्डेय

बिल्कुल सही कहा गया है, सफलता निजी नहीं होती। सफलता को प्राप्त करने के लिए व्यक्ति को अनेक तत्वों का समावेश करना पड़ता है, और इनमें से कुछ प्रमुख तत्व निम्नलिखित हैं:

  • मेहनत: सफलता के लिए व्यक्ति को मेहनत करनी पड़ती है। बिना संघर्ष के कोई भी लक्ष्य प्राप्त नहीं हो सकता है। यह मेहनत जीवन के अलग-अलग क्षेत्रों में जैसे शिक्षा, करियर, स्वास्थ्य, आदि में हो सकती है।
  • अध्ययन और अनुशासन: व्यक्ति को निरंतर अध्ययन करते रहने और अनुशासनपूर्वक अपने लक्ष्य की दिशा में काम करने की आवश्यकता होती है।
  • संघर्ष: जीवन में कई बार संघर्ष का सामना करना पड़ता है। सफलता के रास्ते पर अड़चनें आने कामन निराशा नहीं करनी चाहिए, बल्कि इन्हें पार करने की क्षमता होनी चाहिए।
  • उत्साह और सहानुभूति: सफलता के लिए उत्साह और सहानुभूति भी जरूरी हैं। व्यक्ति को अपने लक्ष्य के प्रति जुट जाना चाहिए और दूसरों की भावनाओं का सम्मान करना चाहिए।
  • स्वतंत्रता: सफलता के रास्ते पर व्यक्ति को स्वतंत्र विचार करने की आवश्यकता होती है। वे खुद के लिए निर्णय लेने में सक्षम होने चाहिए और सोच समझकर कदम उठाने चाहिए।
  • सीमित सोच: सफलता के रास्ते पर व्यक्ति को अपनी सोच को सीमित नहीं करने देना चाहिए। उन्हें अपने लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए नए और अधिक उत्कृष्ट तरीके खोजने की आवश्यकता होती है।
सफलता निजी नहीं होती ये व्यापक होती है। बच्चों को शिक्षा के साथ-साथ संस्कार भी दें, उनका चरित्र निर्माण करें ईमानदारी और मेहनत करना सिखाएं। रिश्ते और रिश्तों की कदर करना सिखाएं । अच्छे संस्कार और अनुशासन पूरे समाज और राष्ट्र बेहतर और सफल बनाता है। विश्व भर में फैल रही वैमनस्यता, अपराध और अन्य जघन्य कृतियों में हमारी अनुशासन हीनता और असभ्यता ही जिम्मेदार हैं। सफलता प्राप्त करने के लिए अच्छी आदतें, कर्मशीलता और अनुशासित होना आवश्यक है अनुशासन हमारी उत्पादकता(प्रोडक्टिविटी) बढ़ाता है हमें सदृढ़ और व्यवस्थित बनाकर गलती की संभावना को कम कर समस्याओं का बेहतर हल ढूंढने में मदद करता है। मार्टिन लूथर किंग ने कहा है कि अगर आप उड़ नहीं सकते तो दौड़ें, दौड़ नहीं सकते तो चलें और चल नहीं सकते तो रेंगते हुए चलें पर चलते रहें आगे बढ़ते रहें हमेशा कर्मशील रहें। पूरी टीम अनुशासित होने से एक दूसरे का सहयोग होता है कार्य जल्द सफल हो जाता है। इसलिए किसी भी परिवार, संस्था अथवा कम्पनी में अनुशासन पर जोर दिया जाता है और अनुशासन अच्छे संस्कार से ही आते हैं जिस परिवार, संस्था, अथवा कम्पनी में लोग अनुशासित होते हैं वो उतनी ही मजबूत और सफल होती है।
एक बात जरूर याद रखनी चाहिए सफलता का कोई शॉर्टकट नहीं होता  इसके निश्चित चरण हैं, उसे पार करना ही पड़ता है,आप को परिश्रम करना ही पड़ेगा पर्याप्त समय देना ही पड़ेगा। कई बार आप थक जाते हैं और कोई शॉर्टकट
या गलत तरीके से सफल होने के लिए प्रयास करते हैं आप भले ही सोचें ऐसा एक बार ही करेंगे दुबारा नहीं करेंगे और बाद में सुधार कर लेंगे परन्तु आप को उसे सुधारने का मौका नही मिलता और अनएथिकल शॉर्टकट की आदत लग जाती है। इस तरह से मिली सफलता आप को स्थाई खुशी नही दे सकती, और आप उस सफलता को मन से सेलिब्रेट नहीं कर पाएंगे, एक सफल व्यक्ति समय का सदउपयोग करता है उसे पता होता है कि समय सबसे बड़ी सम्पत्ति होती है किसी भी कीमत या परिस्थिति में समय को बर्बाद नहीं करता। जीवन का हर क्षण एक नई संभावना लेकर आता है और सफल व्यक्ति हर क्षण का सही उपयोग करता है वो हर क्षण वही करता है जो उसके जीवन को सुखद व उत्कृष्ट बनाये। हर क्षण खुलकर जीता है
आप ने कई बार सुना होगा जब उद्योगों या संस्थानों के द्वारा किया गया एकाउंटिंग फ़्रॉड, स्टॉक में हेर फेर और मनी लॉन्ड्रिंग जैसे गलत तरीके से धन अर्जन करती हैं या लोगों को आकर्षित करती है सच्चाई सामने आने पर वही लोग हाथ खींचने लगते हैं और शेयर्स गिरने लगते हैं। कम्पनी ढहने लगती है। कई कम्पनियां ढह गयीं ऐसे ही ,कोई भी बिजिनेस, ट्रेड, एक्सचेंज मार्केट और खरीदार व उपभोक्ता के साथ पारदर्शिता से चलता है। व्यवसाय, व्यापार, संस्था व उद्योग उनके मालिक (फाउंडर) ही नहीं चलाते, सिर्फ वही उसे सफ़ल नही बनाते बल्कि संस्था या उद्योग में कार्यरत निचले तबके से टॉप लेवल तक के कर्मचारियों के संयुक्त प्रयास(कलेक्टिव एफर्ट), उत्पाद या सर्विस (सेवा) के खरीदार(कस्टमर) और  (कन्जयूमर-उपभोक्ता) सबके सहयोग से चलता है और सफल होता है।
सतत बिजनस के लिए असल मांग होनी आवश्यक है जितनी ही आवश्यक सप्लायर, सप्लाई व उत्पादन है उतने ही आवश्यक मांग, मार्केट और खरीदार व उपभोक्ता भी हैं।  कोई भी उत्पाद आप मार्केट में कस्टमर पर थोप नहीं सकते (सेल व्हाट यु कैन मेक) ऐसा आप एक बार कर सकते हैं फिर उसको बनाये रखने और सतत होने के लिए मांग और कस्टमर (मेक व्हाट यू कैन सेल) को उसकी जरूरत होनी चाहिए और एक सार्थक वैल्यू चैन(सही समय व जगह पर सही डिलेवरी और सर्विस आफ्टर सेल) डेवलप होना चाहिए। पूरी दुनिया मे अकेलापन और सन्नाटा सा पसरा है सब फोन और अपने काम मे व्यस्त हैं, लोग डिप्रेशन और एंजायटी से ग्रस्त हैं। परिवार अब परिवार रहा ही नहीं घंटो बैठकर बातें नहीं करते साथ मे खाना नहीं खाते पुरानी बातें याद कर के हंसी मजाक भी नहीं कर पाते।
क पिता सदैव चाहता है कि उसके बच्चे उस से भी आगे निकले उस से भी अधिक कामयाब और सफल हों और हर सम्भव और असम्भव प्रयास करता है अपने बच्चों की परवरिश और सफलता के लिये। याद रखिये सफलता सिर्फ आप की ही नहीं होती बहुतों का योगदान होता है और आपकी सफलता बहुतों को प्रेरणा देती है| किसी एक व्यक्ति के सफलता से अन्य लोगों व समाज को प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से लाभ अवश्य मिलता है। और किसी की सफ़लता में यदि आपका योगदान नही है इसका मतलब ये नहीं है कि उसे सफलता यूँ ही या बिना परिश्रम के मिली है जबकि बहुत एड़ियां घिसी हैं उसने और बहुतों ने मदद की होती है और कईयों ने पीछे खींचा होता है। भाग्य भी उसी का साथ देती है जो कर्म करते हैं, मेहनत करते हैं बात है स्वीकारने की कि अमुक व्यक्ति सफल है समृद्ध है तो जरूर उसने ईमानदारी और ततपरता से मेहनत की होगी और दूसरी तरफ सफल व समृद्धि व्यक्ति को भी ज्ञात होना चाहिए और स्वीकारना चाहिए कि सफलता की सीढ़ियों पर कुछ लोगों ने उसे सहारा भी दिया, सहयोग किया, लड़खड़ाया तो सम्भाला भी था सफलता किसी भी क्षेत्र में मिली हो अकेले व एक दिन में प्राप्त की ही नहीं जा सकती सफल होने की प्रक्रिया में आप को कई लोगों ने सहयोग किया है। अगर सब पीछे ही खींचते, तो आप सफ़ल हो ही नहीं सकते ।
सफलता का मार्ग सभी के लिए अलग-अलग होता है और हर व्यक्ति की सफलता अपनी खुद की होती है। इसलिए, हमें सफलता को निजी रूप से देखने की बजाय, दूसरों के साथ इसे साझा करना चाहिए और समाज में सकारात्मक परिवर्तन के लिए इसे उत्साह से अपनाना चाहिए।
इस प्रकार बिजनेस व किसी व्यक्ति की सफलता उसी तक सीमित या उसी पर निर्भर नहीं रह जाती वो व्यापक होती है निजी नहीं होती। सफलता तभी टिकती है जब व्यक्ति अपनी विनम्रता बनाये रखता है और सीखता रहता है। और उसे निजी नहीं समझता। कई कंपनियों के संस्थापक अब नहीं रहे फिर वो कम्पनी चल रही उसके उत्पाद या सर्विसेज लोगों तक पहुंच रहे हैं लोग नहीं रहते उनके विचार और सिद्धान्त याद किये जाते हैं। सफलता एक प्रक्रिया है और ये चलती रहती है जब तक आप हैं और आप के बाद भी।
श्याम नन्दन पाण्डेय
मनकापुर, गोण्डा, उत्तर प्रदेश
Mob-8005421381

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