शिक्षा मे आरक्षण – कितना सही कितना गलत

  • आज स्थिति यह है कि यदि आप केवल इतना ही पूछ लें कि आरक्षण कब खत्म होगा, तो तुरंत आपको दलित-विरोधी की उपाधि से लाद दिया जाएगा

वैसे तो कई प्रकार के आरक्षण हमारे सविधान द्वारा लागू किए गए हैं । मैं नहीं जानता की उन्हे किन परिस्थितियों मे और क्यूँ लागू किया गया है । हमारे देश के विकास मे ये कितना सहायक है ये भी में नहीं जनता ,और इससे होने वाले नुकसान से मैं आपको अवगत कराऊँ या इसमे सुधार कराऊँ ऐसा भी होना मुश्किल है ,क्यूकी ना तो मैं कोई समाज सुधारक हूँ और ना ही मैं कोई विशेषज्ञ, हालाकिं मैं रिसर्च स्कॉलर हूँ और आपने मुझे आज बोलने का मौका दिया है तो अपने विचारों से आपको अवगत करवाता हूँ

पिछले प्रतियोगी परीक्षाओं के दौरान जो भी मुझे महसूस हुआ वो मैं आप लोगो के सामने रख रहा हूँ और यह भी जानता हूँ कई लोगों की भावनाओ को मैं अंजाने मे ही ठेस लगाने का कारण बन सकता हूँ  पर मेरी आप सभी लोगो से विनती है कृपया इसे प्रेकटिकली लें और इस विषय पर गौर करें …..

आजकल जितनी प्रतियोगी परीक्षाएँ हो रहीं हैं । मसलन जैसे आईआईटी , सीपीएमटी या जिस भी स्तर पर प्रतियोगी परीक्षाएँ आयोजित की जाती हैं जिससे देश की भावी पीढ़ी का भविष्य तय होता है।उसमे जो कट ऑफ लिस्ट सामने आती है ,वो दिमाग को झन्नाहट से भर देती है.
क्या जरूरी है ,साधारण वर्ग (जनरल मे) गरीबी नहीं है???? क्या जरूरी है उन बच्चों को अच्छा माहौल पढ़ने के लिए मिला हो???या उनमे दिमाग केटेगरी वाले बच्चों से ज्यादा हो ???? (क्या प्रकृतिक रूप से ऐसा हो सकता है ,मैं नहीं मानता )

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आज के परिदृश्य  मे शिक्षा मे आरक्षण एक बडे असंतोष का कारण ही नहीं अपितु बच्चों के दिमागो मे जहर घोलने का काम भी करता है । जनरल वर्ग का बच्चा बहुत मेहनत करके भी कई बार कई प्रतियोगी परीक्षाओं मे पास नहीं हो पाता , कारण  जनरल की कट ऑफ लिस्ट ऊंची चली जाती है , जबकि केटेगरी वर्ग के बच्चे थोड़ी सी मेहनत करके इन परीक्षाओं मे पास हो जाते हैं , क्यूंकी कट ऑफ लिस्ट मे उन्हे आरक्षण मिला !
यही कारण बच्चों मे असंतोष पैदा करता है ,जो पूरे समाज के लिए घातक है । आरक्षण जाती –वर्ण के आधार पर नहीं वरन परिस्थितियों के आधार पर हो ,या सुविधा-या असुविधा के आधार पर हो । (उस पर भी कड़ी निगाह रखी जानी चाहिए ,ताकि किसी भी मासूम बच्चे के भविष्य के साथ कोई खिलवाड़ ना कर सके )

आरक्षण जैसी चीज का इस्तेमाल नेता अपने -अपने वोट के लिए  या प्रभावशाली लोग अपने फायदे के लिए ज़्यादा करते हैं । इसलिए इस क्षेत्र मे आरक्षण समाप्त करके सबको एक ही द्रष्टि से देखा जाये , हाँ गरीबी के आधार पर इन्सानो को छूट अवश्य मिलनी चाहिए ।
पढ़ाई मे तेज ,बुद्धिमान बच्चों को पढ़ाई की मुफ्त सामाग्री के साथ-साथ शिक्षक भी अच्छे मिलने चाहियेँ। साथ ही उत्तम शिक्षा के लिए अच्छा वातावरण देना भी सरकार का काम होना चाहिए । आरक्षण वर्ग वाले बच्चों मे कोई कम दिमाग नहीं होता (केवल वर्ग के आधार पर )बल्कि हर जगह छूट मिलने की वजह से वो अपनी पूरी प्रतिभा का प्रदर्शन भी नहीं करते । जिससे उनकी प्रतिभा के साथ ढंग से न्याय भी नहीं हो पाता ।

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आपकी प्रतिक्रियाओ के इंतज़ार में ……..


 

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