एक और एक ग्यारह, घूसखोरो की दिनेश एम एन व बी एल सोनी ने बजा दी बारह
- ACB के एक्शन मोड़ ने रिश्वतखोरों की बढा रखी है टेंशन…..
- 365 दिन में 470 प्रकरण दर्ज कर 410 रिश्वतखोरों को किया ट्रेप….
कमलेश शर्मा, जयपुर। राजस्थान का ऐसा ऐसा विभाग जिसका नाम कभी किसी की जुबां पर भी नहीं आया करता था. वह आज अखबार के हर पन्नों पर सुर्खियों में फैला हुआ है. जो रिश्वत लेकर सरकारी अधिकारी अपनी जेब गर्म कर गर्व महसूस किया करते थे, वही रिश्वतखोर आज रिश्वत के नाम से टेंशन में आने लगे हैं. राज्य के हर विभाग और हर छोटे- बडे़ अधिकारियों में बढते भष्ट्राचार ने अव्यवस्थाओं को जन्म दे दिया था. जंहा हर कोई अधिकारियों की जेब गर्म कर दुसरों के हक पर अपनी ताल ठोकता जा रहा था. ऐसे में भष्ट्राचार निरोधक ब्यूरो की कमान राज्य सरकार ने आईपीएस बी एल सोनी और आईपीएस दिनेश एम एन को सौपी. ऐसे में एसीबी ने रिश्वतखोरों के खिलाफ ऐसा अभियान शुरू किया कि एक के बाद एक रिश्वतखोर सलाखों के पीछे रंगे हाथ जाते गए, और एसीबी के इस एक्शन मोड़ ने पूरे राज्य में रिश्वतखोरों के टेंशन की लकीरें खींच दी. आपको बता दे कि पिछले साल एसीबी ने लगभग भष्ट्राचार के 470 प्रकरण दर्ज कर लगभग 410 रिश्वतखोरों को पकड़ने का काम किया है. सबसे बड़ी बात यह रही कि इन प्रकरणों में कई रिश्वतखोर आईएएस अधिकारी तो कई पुलिस के बड़े अधिकारी भी है. वही राज्य को भष्ट्राचार मुक्त बनाने को लेकर भष्ट्राचार निरोधक ब्यूरो के महानिदेशक बी एल सोनी इन दिनों काफी सक्रिय रूप से नजर आ रहे हैं. जंहा एक और घूसखोरो पर आईपीएस दिनेश एम एन काल बन कर मंडारा रहे हैं तो वही दूसरी ओर आईपीएस बी एल सोनी जनता को जागरूक करने का काम कर रहे हैं. आईपीएस सोनी ने बताया कि इस अभियान के तहत सामाजिक जिम्मेदारी के रूप में राज्य की प्रत्येक एसीबी यूनिट द्वारा एक ग्राम पंचायत का चयन कर उसे गोद लिया जा रहा है और वहां के प्रत्येक ग्रामवासी को भ्रष्टाचार के विरुद्ध जागरूक कर, जीवन में कभी भी रिश्वत नहीं देने का संकल्प दिलाया जाकर भ्रष्टाचार विरोधी जन जागरूकता को जन जन तक पहुँचाने का प्रयास किया जा रहा है. इस भ्रष्टाचार विरोधी मुहिम के साथ साथ गांव के चहुंमुखी विकास के साथ ही उसे आत्मनिर्भर बनने में सहयोग कर प्रशासन की जन कल्याणकारी योजनाओं को पात्र व्यक्तियों तक पहुंचाना सुनिश्चित करते हुए उसे आत्मनिर्भर बनने में सहयोग करना है. भ्रष्टाचार मुक्त सजग ग्राम के रूप में विकसित किया जाने का अभियान अन्तर्राष्ट्रीय भ्रष्टाचार विरोधी सप्ताह के शुरू किया गया है. वही आपको बता दे कि इस अभियान के अन्तर्गत एसीबी का उद्देश्य राज्य सरकार की मंशा के अनुरूप ग्राम वासियों को अपने वैध कार्य के लिए जागरूक करना तथा जन कल्याणकारी योजनाओं को त्वरित गुणात्मक स्तर पर क्रियान्वयन करवाने के लिए स्थानीय प्रशासन के साथ प्रयास करना है. इसमें ग्रामवासियों और प्रशासन के बीच चयनित गांव के एसीबी चौकी प्रभारी द्वारा सांमजस्य स्थापित कर जागरूकता और समग्र विकास और विभिन्न योजनाओं के गांव में मूर्तरूप लेने में एक सहयोगी की भूमिका निभाने का प्रयास किया जाएगा. इसके तहत ब्यूरो की विभिन्न जिला यूनिटों द्वारा 51 गांव चयनित किये गये हैं.