मेक इन इंडिया से प्रभावित 8वीं के छात्र ने शुरू किया व्यापार, मां को बनाया MD, लोगों को दिया रोजगार

अपनी मां व भाई-बहन के साथ अमर

देवेंद्र पुरोहित, गोरखपुर | कोरोना वायरस की वजह से हुए लॉकडाउन ने बहुत से लोगों के सपनों को चकनाचूर कर दिया साथ ही कुछ लोगों को सीखने का मौका दिया इनमें बहुत से ऐसे भी हैं, जिन्होंने न सिर्फ सपनों के महल खड़े किए बल्कि उसे पूरा कर अलग मुकाम भी हासिल किया।  उत्तर प्रदेश के गोरखपुर का कक्षा 8 में पढ़ने वाले 14 साल के छात्र अमर के बड़े सपनों ने उसे शहर का सबसे नन्हा उद्यमी बना दिया है।  कोरोना संकट काल में जब स्कूल-कॉलेज बंद हुए तो अमर ने बल्ब बनाने की ट्रेनिंग ली और छोटे पैमाने पर अपना व्यापार शुरू किया। कुछ ही दिनों में मिले अच्छे परिणाम से आज वह एलईडी बल्ब निर्माण कंपनी चला रहा है। अमर ने इतनी कम उम्र में रोजगार तो अपनाया ही, चार अन्य लोगों को भी काम दिया है। उसने अपनी कंपनी की एक वेबसाइट भी बनाई है और अब अपने उत्पाद को ऑनलाइन भी बेचने की योजना बना रहा है।

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सिविल लाइस में रहने वाले रमेश कुमार प्रजापति गोरखपुर डेवलेपमेंट अथॉरिटी (गीडा) में कार्यरत हैं। तीन बच्चों में अमर उनका मंझला पुत्र है। वह आरपीएम एकेडमी में 8वीं का छात्र है। वह वैज्ञानिक बनना चाहता है। साथ ही प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मेक इन इंडिया से काफी प्रभावित है। लॉकडाउन में जब स्कूल कॉलेज बंद हुए तो उसकी पढ़ाई भी ठप हुई। ऐसे में उसने एलईडी बल्ब बनाने का प्रशिक्षण लेने की इच्छा जाहिर की, जिस पर पिता ने हामी भर दी।

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