विदेशी लाये देश में , अब शहर वाले गाँव में फैलाएगे कोरोना
कोरोना वायरस को रोकने के लिए फिलहाल एक ही उपाय है, इसके संक्रमण को फैलने से रोका जाए। ये वायरस विदेश से वी आई पी लोग देश में ले आए और अब शहर से गाँव में दस्तक दे रहा ये महामारी । पूरे देश में लॉक डाउन कर दिया गया फिर भी लोग चोरी छिपे , रौब दिखा कर एक दूसरे जगह आए और गए और जाने अनजाने में फैलाते गए कोरोना । विश्व स्वास्थ्य संगठन ने कहा है कि – फ़िलहाल अगर अंटार्कटिका को छोड़ दिया जाए तो कोरोना का संक्रमण सभी महाद्वीपों में फैल चुका है। चीन से जन्म ये बायोलीजिकल वायरस अब ब्रिटेन, अमरीका, जापान, दक्षिण कोरिया, फ़िलीपींस, थाईलैंड, ईरान, नेपाल और पाकिस्तान जैसे कई देशों तक अपना असर दिखाना शुरू कर दिया हैं। लॉक डाउन मे राहत दिये जाने और लोगो को उनके राज्य / गाँव भेजे जाने पर एक डॉक्टर ने नाम न छापने की शर्त पर बताया कि – “अगर हमारे यहां अगर किसी को सड़क हादसे में चोट लगती है तो उसे इमर्जेंसी में भी भर्ती कराने की जगह नहीं होती। ऐसे में अगर कोरोना जैसा संक्रमण और इसी तरह हजारो से लाखों में फैल जाए तो हमारा स्वास्थ्य तंत्र इसे संभाल नहीं पाएगा। भारत के पास चीन जैसी क्षमता नहीं है कि छह दिन में अस्पताल खड़ा कर दे, भारत छोड़िए, चीन जैसा देश भी कोरोना के सामने बेबस नज़र आया था । चीन ही क्यों, अमेरिका जैसे देश की जो हालत है उसे देख कर यही लगता है की अगर लाखों लोग कोरोना जैसे संक्रमण के शिकार हो जाएं तो देश डगमगा जाएगा” । कोरोना का संक्रमण काफ़ी शुरुआती स्तर पर है इसलिए अभी तक कुछ हद तक काबू में हैं अगर कोरोना संक्रमण बड़े स्तर पर फैला तो उसे संभालने के लिए भारत के पास पर्याप्त संसाधन नहीं हैं।
सरकार को चाहिए की सबसे पहले वैक्सीन बनाए या मंगाए और जो जहां है वही पर उनके रहने खाने की व्यवस्था करें । सभी दलों को एक साथ मिलकर मदद करनी चाहिए लोग रहेगे/ बचेगे तभी वोट देगें ।
शशांक शुक्ला
(सामाजिक चिंतक)