ग्लेंडर वायरस से पीड़ित खच्चर को इंजेक्शन देकर मारा गया

कोरोना वायरस से भी खतरनाक है ग्लेंडर वायरस
लार थाना क्षेत्र के रेवली में इंजेक्शन देकर मारा गया खच्चर
*देवरिया से डॉ एम के पाण्डेय की रिपोर्ट*
देवरिया। कोरोना वायरस ने पूरी दुनिया में कोहराम मचा रखा है। इस वायरस से विश्व में अबतक हजारों लोगों की मौत हो चुकी है। भारत में भी दो लोगों की जान गई है, वहीं 80 से ज्यादा लोग इस वायरस की चपेट में हैं। कोरोना की खौफ के बीच यूपी के देवरिया जिले के लार थाना क्षेत्र में एक खच्चर में ग्लेंडर वायरस पाया गया। यह वायरस बेहद ही खतरनाक है। इसे जानवरों से इंसान तक फैलने में देर नहीं लगती। यह वायरस सिर्फ हवा से फैलता है। संक्रमित जानवरों के पास जाने भर से ही यह वायरस इंसानों में फैल जाता है। लार थाना क्षेत्र के रेवली गॉव में जितेंद्र पुत्र दंगली के खच्चर में ग्लेंडर वायरस पाये जाने के बाद हड़कम्प मच गया। डा० विकास साठे सी वी ओ ,डा०सुरेश यादव, डा० विकास श्रीवास्तव , ऋषि मुनी गुप्ता, अखिलेश्वर श्रीवास्तव आदि की उपस्थिति में खच्चर को इंजेक्शन देकर मार डाला गया और गॉव के बाहर गड्ढा खोदकर उसे दफना दिया गया।
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क्या है ग्लेंडर रोग
– ग्लेंडर बरखेलडेरिया मेलिआई जीवाणु जनित रोग है।
– घोड़ों के बाद मनुष्यों और स्तनधारी पशुओं में पहुंचता है।
– नोटिफाइएबल है, जेनोटिक रोगों की श्रेणी रखा गया है।
– संक्रमण,नाक, मुंह के म्यूकोसल सरफेस और सांस से होता है।
– मैलिन नाम के टेस्ट से बीमारी को कन्फर्म किया जाता है।
– घोड़े, खच्चर और गधों के शरीर की गांठों में इंफेक्शन और पस बन जाता है।
– जानवर उठ नहीं पाता, शरीर में सूजन आ जाती है।
– बीमारी से पीडि़त होने पर मौत निश्चित है।

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