ओमान के पास जहाज पर हमले में मारे गए सूरज यादव का शव गांव पहुंचा, मचा कोहराम
देवरिया। ओमान के पास मालवाहक जहाज MV Cape Dao पर हुए हमले में जान गंवाने वाले देवरिया के करमाजीतपुर निवासी 23 वर्षीय सूरज यादव का पार्थिव शरीर आखिरकार रविवार को उनके गांव पहुंच गया। शव घर पहुंचते ही परिवार में चीख-पुकार मच गई। जवान बेटे का शव देखते ही मां पुष्पा देवी समेत परिजन बेसुध हो गए। पूरे गांव में मातम छा गया।
गौरी बाजार थाना क्षेत्र के करमाजीतपुर गांव निवासी सूरज यादव मर्चेंट नेवी में वाइपर के पद पर कार्यरत थे। 23 सितंबर को ओमान के पूर्वी तट के पास MV Cape Dao पर हमला हुआ था। इस हमले में सूरज की मौत हो गई थी। भारतीय दूतावास ने घटना की पुष्टि करते हुए बताया था कि जहाज पर सवार भारतीय चालक दल के सदस्यों को सुरक्षित बाहर निकाला गया था।
मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, हमले के दौरान जहाज को दो प्रोजेक्टाइल/टॉरपीडो से निशाना बनाए जाने की जानकारी सामने आई थी। एक हमला क्रू के रहने वाले हिस्से और दूसरा इंजन रूम के पास हुआ था। इस घटना में सूरज यादव की जान चली गई, जबकि अन्य भारतीय नाविकों को सुरक्षित बचा लिया गया।
सूरज 19 अगस्त को मुंबई से ड्यूटी के लिए रवाना हुए थे। परिवार के मुताबिक, वह पहली बार इस तरह की नौकरी के लिए विदेश गए थे। हादसे के बाद से ही परिवार उनके पार्थिव शरीर के गांव पहुंचने का इंतजार कर रहा था। 29 सितंबर तक शव नहीं पहुंचा था और प्रशासनिक अधिकारी भी परिवार से मिलकर हरसंभव मदद का भरोसा दे चुके थे।
रविवार को शव पहुंचते ही घर पर लोगों की भीड़ जुट गई। मां और अन्य परिजनों की चीख-पुकार से माहौल गमगीन हो गया। ग्रामीण भी शोकाकुल परिवार को ढांढस बंधाने के लिए पहुंचते रहे।
चार भाइयों में सबसे बड़े थे सूरज
सूरज यादव चार भाइयों में सबसे बड़े थे और अभी अविवाहित थे। उनके पिता ओमप्रकाश यादव कुवैत में काम करते थे। सूरज की मौत की सूचना मिलने के बाद पिता भी घर लौट आए थे। परिवार में मां और तीन छोटे भाई हैं।
सूरज की असमय मौत से परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। जिस बेटे से परिवार को भविष्य की उम्मीदें थीं, उसका पार्थिव शरीर अब तिरंगे में लिपटकर घर पहुंचा तो हर आंख नम हो गई। गांव में भी इस घटना को लेकर गहरा शोक है।