रामेश्वर तिवारी हत्याकांड में दो नाबालिग गिरफ्तार, बाल सुधार गृह भेजे गए
पुलिस की कार्रवाई तेज, अन्य आरोपियों की तलाश में लगातार दबिश
देवरिया। लार थाना क्षेत्र के भीखम छपरा गांव में रामेश्वर तिवारी हत्याकांड की जांच में पुलिस को शनिवार को महत्वपूर्ण सफलता मिली। पुलिस ने मामले में नामजद दो आरोपितों को गिरफ्तार किया है। दोनों की उम्र 18 वर्ष से कम पाए जाने के कारण उनकी पहचान सार्वजनिक नहीं की गई है।
पुलिस के अनुसार, दोनों आरोपितों को हिरासत में लेने के बाद न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत किया गया। दस्तावेजों में उनकी उम्र नाबालिग पाए जाने के बाद न्यायालय के निर्देश पर दोनों को गोरखपुर स्थित बाल सुधार गृह भेज दिया गया।
बताया जा रहा है कि घटना के बाद दोनों आरोपित पुलिस से बचने के लिए अपने रिश्तेदारों के यहां बिहार में छिपे हुए थे। पुलिस उनकी गतिविधियों और संभावित ठिकानों पर लगातार नजर रख रही थी। इसी दौरान दोनों के लार बाईपास के आसपास पहुंचने की जानकारी मिलने पर पुलिस ने कार्रवाई करते हुए उन्हें पकड़ लिया।
रामेश्वर तिवारी की हत्या के बाद से ही पुलिस ने नामजद आरोपितों की गिरफ्तारी के लिए अभियान तेज कर दिया है। पुलिस की टीमें लगातार अलग-अलग संभावित ठिकानों पर दबिश दे रही हैं। आरोपितों के गांव के अलावा उनके रिश्तेदारों और परिचितों के यहां भी पुलिस की पहुंच बनी हुई है।
इस मामले में पुलिस प्रशासन पहले ही कार्रवाई कर चुका है। हत्याकांड के बाद पुलिस की भूमिका को लेकर उठे सवालों के बीच लार थाना प्रभारी समेत चार पुलिसकर्मियों को निलंबित किया गया था। इसके बाद आरोपितों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस की कार्रवाई और तेज हुई है।
पुलिस का कहना है कि मामले में शामिल अन्य आरोपितों की तलाश जारी है। जांच के दौरान सामने आने वाले तथ्यों और साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।