देवरिया। जिस अंडरपास से लोगों को आने-जाने में सहूलियत मिलनी थी, पहली ही तेज बारिश में वही जान का खतरा बन गया। पूर्वोत्तर रेलवे के क्रॉसिंग संख्या 141-ए पर बन रहे अंडरपास में करीब पांच फीट पानी भर गया। सोमवार देर रात बाइक से गुजर रहे करमाजीतपुर निवासी मजदूर दिग्विजय गौड़ पानी में फंस गए। स्थानीय लोगों ने उन्हें बाहर निकाला, लेकिन उनकी जान नहीं बच सकी।
बारिश के बाद अंडरपास में इतना पानी भर गया था कि सड़क और पानी का फर्क करना मुश्किल हो गया था। बताया जा रहा है कि दिग्विजय बाइक लेकर वहां से निकल रहे थे। पानी की गहराई का अंदाजा नहीं लग पाने के कारण बाइक आगे बढ़ते ही वह गहरे पानी में फंस गए। आसपास के लोगों को जानकारी हुई तो कई युवक मौके पर पहुंचे और काफी प्रयास के बाद उन्हें पानी से बाहर निकाला। हालांकि तब तक उनकी हालत बिगड़ चुकी थी।
कार भी पानी में फंसी, ग्रामीणों ने बचाए चार लोग
अंडरपास की बदहाल स्थिति का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि सोमवार देर शाम एक कार भी पानी में फंस गई। कार में चार लोग बैठे थे। पानी अधिक होने के कारण कार के डूबने का खतरा पैदा हो गया। आसपास मौजूद ग्रामीणों ने ट्रैक्टर और रस्सी की मदद से कार को खींचकर बाहर निकाला। समय रहते मदद मिलने से कार सवार चारों लोगों की जान बच गई।
पहले से थी आशंका, फिर भी नहीं हुई व्यवस्था
ग्रामीणों का कहना है कि अंडरपास बनने के समय से ही यहां पानी जमा होने की आशंका जताई जा रही थी। लोगों ने जिम्मेदारों को इस समस्या से अवगत भी कराया था, लेकिन पानी की निकासी को लेकर कोई पुख्ता इंतजाम नहीं किया गया। पहली बारिश ने निर्माण व्यवस्था की पोल खोल दी।
ग्रामीणों के मुताबिक अंडरपास में पानी निकालने की पर्याप्त व्यवस्था नहीं होने से बारिश के बाद यहां हालात बेहद खतरनाक हो जाते हैं। दिन में तो लोग किसी तरह पानी की स्थिति देखकर आगे बढ़ सकते हैं, लेकिन रात में गहराई का अंदाजा लगाना मुश्किल होता है। दिग्विजय की मौत के बाद लोगों में इस बात को लेकर गुस्सा है कि आखिर किसी बड़े हादसे के बाद ही व्यवस्था क्यों सुधारी जाएगी।
जांच और स्थायी जलनिकासी की मांग
मजदूर की मौत के बाद ग्रामीणों ने अंडरपास से पानी तत्काल हटाने और भविष्य में जलभराव न हो, इसके लिए स्थायी इंतजाम करने की मांग की है। लोगों ने पूरे मामले की जांच कर लापरवाही सामने आने पर जिम्मेदारी तय करने की भी मांग उठाई है।
ग्रामीणों का कहना है कि अंडरपास लोगों की सुविधा के लिए बनाया जा रहा है, लेकिन अगर बारिश का पानी निकालने की व्यवस्था नहीं हुई तो यह सुविधा की जगह लगातार खतरा बना रहेगा।