जिस बेटे के लौटने का इंतजार था, अब उसके पार्थिव शरीर की राह देख रहा करमाजीतपुर

जिस बेटे के लौटने का इंतजार था, अब उसके पार्थिव शरीर की राह देख रहा करमाजीतपुर

ओमान मिसाइल हमला: सूरज यादव का शव गांव लाने की प्रक्रिया शुरू

ओमान मिसाइल हमला: सूरज यादव का शव गांव लाने की प्रक्रिया शुरू

गौरीबाजार। ओमान के तट के पास वाणिज्यिक पोत पर हुए हमले में जान गंवाने वाले देवरिया के करमाजीतपुर निवासी सूरज यादव के पार्थिव शरीर का परिवार बेसब्री से इंतजार कर रहा है। हादसे के बाद से गांव में मातम का माहौल है। परिजन लगातार भारतीय दूतावास और संबंधित कंपनी से संपर्क कर शव को जल्द भारत लाने की कोशिश में जुटे हैं। ताजा जानकारी के अनुसार संबंधित कंपनी ने परिवार को शव उपलब्ध कराने का आश्वासन दिया है।

करमाजीतपुर गांव निवासी ओमप्रकाश यादव के पुत्र सूरज यादव रोजगार के सिलसिले में 19 अगस्त 2026 को ओमान गए थे। वह वाणिज्यिक पोत MV Cape Dao पर तैनात थे। 23 सितंबर को ओमान के पूर्वी तट के पास जहाज पर हमला हुआ। घटना में एक भारतीय नागरिक की मौत हुई, जबकि जहाज पर सवार अन्य भारतीयों को सुरक्षित बचा लिया गया। भारतीय विदेश मंत्रालय ने भी एक भारतीय की मौत की पुष्टि की थी।

सूरज की मौत की खबर जैसे ही करमाजीतपुर गांव पहुंची, परिवार में कोहराम मच गया। ग्रामीणों और रिश्तेदारों का घर पहुंचना लगातार जारी रहा। परिजनों की सबसे बड़ी चिंता अब सूरज का पार्थिव शरीर घर पहुंचने को लेकर है।

रिपोर्टों के अनुसार ओमान की नौसेना ने शव भारतीय दूतावास को सौंप दिया था। इसके बाद दूतावास की ओर से शव को संबंधित कंपनी को सौंपे जाने की प्रक्रिया आगे बढ़ी। अब आवश्यक औपचारिकताएं पूरी होने के बाद शव भारत भेजे जाने की उम्मीद है।

सूरज चार भाइयों में सबसे बड़े थे। परिवार के अनुसार उन्होंने विदेश जाकर कमाने और घर की स्थिति बेहतर करने का सपना देखा था। हादसे ने परिवार की उम्मीदों को एक झटके में तोड़ दिया। गांव के लोग भी सूरज के पार्थिव शरीर के आने का इंतजार कर रहे हैं।

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परिजनों की मांग है कि सभी जरूरी औपचारिकताएं जल्द पूरी कर सूरज का पार्थिव शरीर भारत लाया जाए, ताकि अंतिम संस्कार गांव में ही किया जा सके।

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