जयपुर में 30 हजार अनफिट ई-रिक्शा प्रचलन से बाहर करने की तैयारी
जयपुर, 22 नवंबर 2025 (द न्यूज वाला विशेष): राजस्थान की राजधानी जयपुर में बढ़ती ई-रिक्शाओं की समस्या को लेकर परिवहन विभाग ने सख्त रुख अपना लिया है। आरटीओ प्रथम ने अनफिट और अवैध ई-रिक्शाओं पर शिकंजा कसते हुए बड़ी कार्रवाई का ऐलान किया है। शहर में आरजे 14 ई, क्यू, आर और एस सीरीज के लगभग 30 हजार ई-रिक्शाओं की फिटनेस अवधि समाप्त हो चुकी है। इनमें से 5 हजार ई-रिक्शाओं का रजिस्ट्रेशन पहले ही निलंबित कर दिया गया है, जबकि 20 हजार संचालकों को नोटिस जारी कर फिटनेस कराने या वाहन प्रचलन से बाहर करने की चेतावनी दी गई है। यह कदम जयपुर ट्रैफिक जाम, सड़क सुरक्षा और अवैध वाहनों की समस्या को दूर करने की दिशा में महत्वपूर्ण साबित हो सकता है। जयपुर ई-रिक्शा कार्रवाई के तहत विभाग ने स्पष्ट कर दिया है कि नियमों का पालन न करने वालों को कोई छूट नहीं मिलेगी।
शहर में ई-रिक्शाओं की बेतहाशा वृद्धि ने ट्रैफिक व्यवस्था को बुरी तरह प्रभावित किया है। परकोटे क्षेत्र, बड़ी चौपड़, रामगढ़ मोड़ और अन्य प्रमुख चौराहों पर रोजाना जाम की स्थिति बनी रहती है, जिसमें ई-रिक्शाएं प्रमुख भूमिका निभा रही हैं। आरटीओ प्रथम राजेंद्र सिंह शेखावत ने बताया कि कुल 40 हजार से अधिक ई-रिक्शा संचालित हो रहे हैं, लेकिन इनमें से आधे से ज्यादा बिना फिटनेस प्रमाण पत्र या लाइसेंस के चल रहे हैं। हाल ही में ट्रैफिक कंट्रोल बोर्ड की बैठक में इस मुद्दे पर गंभीर चर्चा हुई, जहां ई-रिक्शाओं के जोन वाइज संचालन और क्यूआर कोड प्रणाली लागू करने का निर्णय लिया गया। नोटिस प्राप्त संचालकों को 15 दिनों का समय दिया गया है, अन्यथा उनके वाहनों का पंजीकरण स्थायी रूप से रद्द कर दिया जाएगा। जयपुर अनफिट ई-रिक्शा नोटिस के जरिए विभाग ने सड़क हादसों को रोकने का संकल्प जताया है, क्योंकि बिना फिटनेस वाले वाहन यात्रियों की जान को खतरे में डाल रहे हैं।
इस कार्रवाई का असर पहले से ही दिखने लगा है। पिछले एक महीने में ट्रैफिक पुलिस ने अवैध ई-रिक्शाओं के खिलाफ अभियान चलाते हुए 120 से अधिक वाहन जब्त किए और 300 से ज्यादा चालानों की कार्रवाई की। विशेषज्ञों का मानना है कि 75 फीसदी से अधिक ई-रिक्शे अनफिट हैं, और अधिकतर चालकों के पास ड्राइविंग लाइसेंस तक नहीं है। नगर निगम को चार्जिंग स्टेशन और पार्किंग स्थल उपलब्ध कराने की जिम्मेदारी दी गई थी, लेकिन अब तक प्रगति धीमी है। आरटीओ ने स्पष्ट किया कि फिटनेस जांच के दौरान वाहनों की ब्रेक, लाइट्स, बैटरी और अन्य सेफ्टी फीचर्स की जांच की जाएगी। जो वाहन मानक पूरा नहीं करेंगे, उन्हें सड़कों से हटाया जाएगा। जयपुर ई-रिक्शा रजिस्ट्रेशन निलंबन की इस प्रक्रिया से हजारों चालकों की आजीविका पर असर पड़ेगा, लेकिन विभाग का कहना है कि लंबे समय में यह ट्रैफिक सुधार और सुरक्षा के लिए जरूरी है।
परिवहन विभाग की इस पहल को सोशल मीडिया पर भी खूब सराहा जा रहा है। #JaipurERickshawAction और #UnfitERickshawBan जैसे हैशटैग ट्रेंड कर रहे हैं, जहां नागरिक ट्रैफिक जाम से राहत की उम्मीद जता रहे हैं। पूर्व आरटीओ एके शर्मा ने कहा, “ई-रिक्शा स्वागत योग्य हैं, लेकिन बिना नियमों के वे समस्या बन जाते हैं। यह कार्रवाई सकारात्मक कदम है।” विभाग ने ई-डिटेक्शन सिस्टम भी शुरू किया है, जो डिजिटल तरीके से उल्लंघनों पर नजर रखेगा। जयपुर में ई-रिक्शा फिटनेस चेक अभियान के तहत मोबाइल नंबर अपडेट न होने की समस्या पर भी ध्यान दिया जा रहा है, ताकि नोटिस सही से पहुंच सकें। द न्यूज वाला की टीम इस मुद्दे पर लगातार अपडेट लाती रहेगी। अधिक जानकारी के लिए www.thenewswala.com पर बने रहें।