घुटने टेककर मायावती से मिले बिहार के इकलौते विधायक सतीश यादव
दिल्ली/पटना, 20 नवंबर 2025 (द न्यूजवाला): बिहार विधानसभा चुनावों में बहुजन समाज पार्टी (बीएसपी) के इकलौते विधायक सतीश यादव ने अपनी विनम्रता और समर्पण से एक बार फिर सुर्खियां बटोर ली हैं। गुरुवार को दिल्ली स्थित बीएसपी मुख्यालय में पार्टी प्रमुख मायावती से मुलाकात के दौरान सतीश यादव ने फर्श पर घुटने टेककर आशीर्वाद लिया, जो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया। यह तस्वीर न केवल बीएसपी के दलित-बहुजन नेतृत्व की विरासत को दर्शाती है, बल्कि बिहार में पार्टी की एकमात्र सीट पर जीत को मजबूत करने का संकल्प भी दिखाती है। रामगढ़ विधानसभा सीट से नवनिर्वाचित सतीश की यह मुलाकात एनडीए की प्रचंड जीत के बीच बीएसपी के भविष्य की रणनीति पर चर्चा का हिस्सा बनी।
मुलाकात के दौरान बीएसपी के राज्यसभा सांसद रामजी गौतम भी मौजूद रहे। मायावती ने एक्स (पूर्व ट्विटर) पर इसकी जानकारी साझा करते हुए लिखा कि बिहार प्रदेश यूनिट की समीक्षा बैठक में सतीश यादव ने भाग लिया। उन्होंने कहा, “बीएसपी की बिहार इकाई के वरिष्ठ पदाधिकारियों के साथ नवनिर्वाचित विधायक सतीश यादव की उपस्थिति ने बैठक को नई ऊर्जा प्रदान की। हम बिहार में दलितों, पिछड़ों और अल्पसंख्यकों के हितों की रक्षा के लिए कटिबद्ध हैं।” सतीश यादव ने मुलाकात के बाद बताया, “मायावती जी मेरी प्रेरणा स्रोत हैं। घुटने टेककर आशीर्वाद लेना मेरी श्रद्धा का प्रतीक है, जो बाबासाहेब अंबेडकर की शिक्षाओं से प्रेरित है।” यह घटना बिहार चुनावों में बीएसपी की सीमित सफलता के बावजूद पार्टी के आधार को मजबूत करने की कोशिश को रेखांकित करती है।
बिहार विधानसभा चुनाव 2025 में एनडीए ने 202 सीटें जीतकर सरकार गठन किया, लेकिन विपक्षी महागठबंधन के अलावा बीएसपी ने रामगढ़ से सतीश यादव को जिताकर अपना खाता खोला। सतीश, जो एक सामान्य पृष्ठभूमि से आते हैं, ने चुनाव प्रचार में दलित-मुस्लिम एकता पर जोर दिया। स्थानीय स्तर पर उनकी मेहनत और मायावती के समर्थन ने उन्हें जीत दिलाई। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यह जीत बीएसपी को बिहार में लंबे समय तक बनाए रखने का आधार बनेगी, खासकर जब अन्य छोटी पार्टियां जैसे AIMIM ने सीमांचल में 5 सीटें हासिल की हैं। सतीश ने कहा कि वे विधानसभा में बहुजन हितों की आवाज बुलंद करेंगे।
यह मुलाकात बीएसपी की राष्ट्रीय रणनीति का हिस्सा लगती है, जहां मायावती बिहार, यूपी और अन्य राज्यों में पार्टी को मजबूत करने पर फोकस कर रही हैं। हाल ही में यूपी चुनावों के संदर्भ में AIMIM के साथ संभावित गठबंधन की चर्चाओं के बीच सतीश की भूमिका महत्वपूर्ण हो सकती है। सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो में सतीश का घुटने टेकना लोगों को भावुक कर रहा है, और कई यूजर्स इसे “सच्ची श्रद्धा का प्रतीक” बता रहे हैं। बीएसपी कार्यकर्ताओं ने इसे पार्टी की एकजुटता का संदेश दिया है।
भविष्य में सतीश यादव की भूमिका बिहार विधानसभा में विपक्षी गतिविधियों को प्रभावित कर सकती है। वे शिक्षा, रोजगार और सामाजिक न्याय जैसे मुद्दों पर सरकार को कटघरे में खड़ा करने का वादा कर चुके हैं। यह घटना बीएसपी के लिए नई शुरुआत का संकेत देती है, जहां एक विधायक की विनम्रता पूरे दल को प्रेरित कर रही है।