काठमांडू में तनाव: हर शख्स की तलाशी, सुरक्षा व्यवस्था चरम पर
नेपाल की राजधानी काठमांडू में चल रहे हिंसक प्रदर्शनों और राजनीतिक संकट के बीच प्रशासन ने सुरक्षा व्यवस्था को और सख्त कर दिया है। शहर में बढ़ती अशांति के कारण हर शख्स की तलाशी का अभियान शुरू किया गया है, जिससे स्थानीय लोग और पर्यटक दोनों प्रभावित हो रहे हैं। यह कदम हाल ही में हुए आगजनी, तोड़फोड़ और प्रदर्शनकारियों के साथ झड़पों के बाद उठाया गया है।
पिछले कुछ दिनों से काठमांडू में Gen-Z प्रदर्शनकारियों और सरकार के बीच तनाव चरम पर है। प्रदर्शनकारियों ने हिल्टन होटल में आगजनी की, जिसमें होटल पूरी तरह नष्ट हो गया। इसके अलावा, सड़कों पर तोड़फोड़ और हिंसक झड़पों की खबरें सामने आई हैं। इन घटनाओं के बाद प्रशासन ने शहर में नाकाबंदी और सघन तलाशी अभियान शुरू किया है। सड़कों, होटलों, और सार्वजनिक स्थानों पर हर व्यक्ति की जांच की जा रही है, जिससे यातायात और दैनिक जीवन प्रभावित हो रहा है।
काठमांडू में फंसे ह भारतीय पर्यटक, जिनमें गुजरात के 300 से ज्यादा और मध्य प्रदेश के छतरपुर से 14 लोग शामिल हैं, ने सुरक्षा और घर वापसी के लिए भारत सरकार से मदद मांगी है। ये पर्यटक होटलों, वृद्धाश्रमों, और अन्य सुरक्षित स्थानों पर रुके हुए हैं। कई परिवारों ने बताया कि वे डर के माहौल में हैं, क्योंकि सड़कों पर तोड़फोड़ और हिंसा का खतरा बना हुआ है।
नेपाल सरकार और स्थानीय प्रशासन ने स्थिति को नियंत्रित करने के लिए कड़े कदम उठाए हैं। सिविल सर्विस अस्पताल में 436 घायलों का इलाज चल रहा है, जबकि नेशनल ट्रॉमा सेंटर और एवरेस्ट अस्पताल में क्रमशः 161 और 109 मरीज भर्ती हैं। काठमांडू के मेयर बालेन शाह ने अंतरिम प्रधानमंत्री सुशीला कार्की के नेतृत्व का समर्थन किया है, जो जल्द ही पद संभालने वाली हैं।
सुरक्षा बलों को आशंका है कि प्रदर्शनकारी और असामाजिक तत्व हथियारों और विस्फोटकों का इस्तेमाल कर सकते हैं। इसलिए, शहर के प्रमुख क्षेत्रों में चेकपॉइंट्स स्थापित किए गए हैं, जहां हर आने-जाने वाले की तलाशी ली जा रही है। इसके अलावा, ड्रोन और सीसीटीवी फुटेज की मदद से संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रखी जा रही है।
- यात्रा सावधानी: भारतीय दूतावास ने काठमांडू में फंसे पर्यटकों को सुरक्षित स्थानों पर रहने और अनावश्यक यात्रा से बचने की सलाह दी है।
- संपर्क: आपात स्थिति में भारतीय दूतावास, काठमांडू (ईमेल: hoc.kathmandu@mea.gov.in) से संपर्क करें।
- स्थानीय नियमों का पालन: तलाशी और नाकाबंदी के दौरान स्थानीय प्रशासन के निर्देशों का पालन करें।
यह तलाशी अभियान और बढ़ती हिंसा नेपाल में गहराते राजनीतिक संकट का हिस्सा है। प्रधानमंत्री केपी शर्मा ओली ने प्रदर्शनकारियों को पत्र लिखकर शांति की अपील की है, लेकिन स्थिति अभी भी तनावपूर्ण बनी हुई है। काठमांडू, जो अपनी सांस्कृतिक धरोहर और पर्यटन स्थलों जैसे पशुपतिनाथ मंदिर, बौधनाथ स्तूप, और स्वयंभूनाथ के लिए प्रसिद्ध है, इस समय अशांति के दौर से गुजर रहा है।
स्थिति सामान्य होने तक काठमांडू में सावधानी बरतने की सलाह दी जाती है। अधिक जानकारी के लिए स्थानीय समाचार और भारतीय दूतावास के अपडेट्स पर नजर रखें।