मोदी की मां का अपमान! बिहार में बवाल!
पटना, 4 सितंबर 2025: राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) ने दरभंगा में ‘वोटर अधिकार यात्रा’ के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की मां को दी गई अपमानजनक टिप्पणी के विरोध में गुरुवार को बिहार में पांच घंटे का बंद बुलाया। सुबह 7 बजे से दोपहर 12 बजे तक चले इस बंद का असर बिहार के 12 से अधिक जिलों में देखा गया, जहां सड़कों पर जाम, प्रदर्शन और नारेबाजी की गई। हालांकि, बंद के दौरान कुछ जगहों पर हिंसक घटनाएं भी सामने आईं, जिनमें भागलपुर में एक दंपति के साथ बदसलूकी और जहानाबाद में एक युवक की पिटाई शामिल है।
एनडीए के इस बंद में भारतीय जनता पार्टी (BJP), जनता दल यूनाइटेड (JDU), लोक जनशक्ति पार्टी (LJP) रामविलास, हिंदुस्तानी अवाम मोर्चा (HAM) और राष्ट्रीय लोक मोर्चा (RLM) के कार्यकर्ता शामिल थे। बंद की अगुवाई बीजेपी की महिला मोर्चा ने की, जिसमें बड़ी संख्या में महिलाएं सड़कों पर उतरीं और “मां का अपमान नहीं सहेगा हिंदुस्तान” जैसे नारे लगाए। पटना, दरभंगा, गया, मुजफ्फरपुर, भागलपुर, समस्तीपुर, बेगूसराय, छपरा, हाजीपुर, सासाराम, मधुबनी और कटिहार समेत कई जिलों में राष्ट्रीय राजमार्गों पर जाम लगाया गया, जिससे यातायात बुरी तरह प्रभावित हुआ।
पटना में डाकबंगला चौक और आयकर गोलंबर पर एनडीए कार्यकर्ताओं ने सड़क जाम कर नारेबाजी की। बीजेपी नेता रवि शंकर प्रसाद, बिहार बीजेपी अध्यक्ष दिलीप जायसवाल और दीघा विधायक संजीव चौरसिया भी प्रदर्शन में शामिल हुए। सासाराम में पूर्व विधायक जवाहर प्रसाद और ललन पासवान के नेतृत्व में पोस्ट ऑफिस चौराहे पर जाम लगाया गया, जिससे वाहनों की लंबी कतारें लग गईं।
भागलपुर में बंद समर्थकों द्वारा एक पति-पत्नी के साथ बदसलूकी की घटना सामने आई। स्थानीय लोगों के अनुसार, एक दंपति अपनी कार से जा रहे थे, जब प्रदर्शनकारियों ने उनकी गाड़ी रोककर उनसे बहस की और कथित तौर पर अभद्र व्यवहार किया। इस घटना ने स्थानीय लोगों में आक्रोश पैदा किया। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर स्थिति को नियंत्रित किया, लेकिन इस घटना ने बंद के शांतिपूर्ण दावों पर सवाल उठाए।
जहानाबाद के अरवल मोड़ पर स्थिति तनावपूर्ण हो गई, जब एनडीए समर्थकों ने एक बाइक सवार युवक की पिटाई कर दी। यह युवक कथित तौर पर बंद का विरोध कर रहा था, जिससे गुस्साए कार्यकर्ताओं ने उस पर हमला कर दिया। इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया है, जिसके बाद पुलिस ने जांच शुरू कर दी है। स्थानीय लोगों ने बताया कि कुछ लोगों ने बीच-बचाव कर स्थिति को शांत कराया, लेकिन इस घटना ने बंद के दौरान हिंसा की आशंका को बढ़ा दिया।
एनडीए नेताओं ने कांग्रेस और राष्ट्रीय जनता दल (RJD) के नेताओं राहुल गांधी और तेजस्वी यादव से माफी की मांग की है। बीजेपी नेता संजीव चौरसिया ने कहा, “प्रधानमंत्री की मां को गाली देना न केवल उनका अपमान है, बल्कि बिहार की हर मां का अपमान है। इसका जवाब जनता विधानसभा चुनाव में देगी।” दूसरी ओर, तेजस्वी यादव ने कहा कि गाली देने वाला व्यक्ति इंडिया गठबंधन से नहीं जुड़ा था और सरकार को उस पर सख्त कार्रवाई करनी चाहिए। उन्होंने बीजेपी पर वोट चोरी के मुद्दे से ध्यान भटकाने का आरोप लगाया।
बंद को देखते हुए बिहार पुलिस ने सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए थे। पटना में 2,000 से अधिक पुलिसकर्मियों को तैनात किया गया, जबकि कांग्रेस और JDU कार्यालयों के बाहर अतिरिक्त सुरक्षा बल लगाए गए। एनडीए ने दावा किया कि बंद शांतिपूर्ण रहा और आपातकालीन सेवाओं जैसे एम्बुलेंस, पुलिस और रेल परिचालन को प्रभावित नहीं किया गया। हालांकि, कुछ जगहों पर हिंसक घटनाओं ने इस दावे पर सवाल खड़े किए। यह विवाद बिहार की राजनीति में एक नया तनाव लाया है, खासकर 2025 के विधानसभा चुनाव से पहले। एनडीए ने इस मुद्दे को मातृशक्ति के अपमान से जोड़कर जनता की भावनाओं को भुनाने की कोशिश की, जबकि विपक्ष ने इसे बीजेपी का प्रपंच बताया। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यह बंद बीजेपी की ताकत और जनसमर्थन की परीक्षा थी, लेकिन हिंसक घटनाओं ने इसके प्रभाव को कमजोर किया।
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