झालावाड़ : स्कूल की छत गिरने से बड़ा हादसा: 7 बच्चों की मौत, 28 घायल
झालावाड़ (राजस्थान): जिले के पिपलोदी गांव (अकलेरा क्षेत्र) में गुरुवार सुबह एक दर्दनाक हादसे में स्कूल की छत गिरने से 7 बच्चों की मौत हो गई, जबकि 28 से अधिक बच्चे घायल हो गए। हादसे के समय बच्चे कक्षा में मौजूद थे और पढ़ाई चल रही थी।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, छत से पहले छोटे-छोटे टुकड़े गिरने लगे थे, जिससे बच्चों में हलचल मच गई। कुछ बच्चों ने शिक्षकों को चेताया भी, लेकिन उन्हें शांत करा दिया गया। कुछ ही पलों में कमरे की छत भरभरा कर गिर गई और मासूम मलबे के नीचे दब गए।
स्थानीय लोगों का कहना है कि विद्यालय भवन कई वर्षों से जर्जर स्थिति में था, जिसकी मरम्मत के लिए कई बार शिकायतें की गई थीं। प्रशासन को भी इसकी जानकारी थी। ₹4.28 करोड़ का बजट स्वीकृत होने के बावजूद वित्त विभाग में फाइल अटकी रही, जिससे कार्य शुरू नहीं हो सका।
हादसे में जिन 7 बच्चों की जान गई, उनमें से अधिकांश की उम्र 8 से 14 वर्ष के बीच थी। मृतकों में पायल, प्रियंका, हरिश और मिथुन जैसे मासूम शामिल हैं। कई घायल बच्चों की हालत गंभीर बनी हुई है, जिन्हें कोटा और झालावाड़ के बड़े अस्पतालों में रेफर किया गया है।
हादसे के बाद गांव में कोहराम मच गया। गुस्साए ग्रामीणों ने मुख्य सड़क को जाम कर दिया और प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी की। लोगों की मांग है कि दोषियों पर सख्त कार्रवाई हो और मृतकों के परिजनों को कम से कम ₹25 लाख मुआवजा, और घायलों को नि:शुल्क इलाज दिया जाए।
⚖️ जांच व कार्रवाई:
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5 शिक्षक निलंबित किए गए हैं।
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मानवाधिकार आयोग ने स्वतः संज्ञान लेते हुए शिक्षा विभाग से 7 दिन में रिपोर्ट तलब की है।
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मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हादसे पर गहरा शोक जताया है और हरसंभव मदद का आश्वासन दिया है।
यह हादसा सिर्फ एक विद्यालय भवन की गिरावट नहीं, बल्कि सरकारी लापरवाही और सिस्टम की असंवेदनशीलता का दुखद परिणाम है। यदि समय पर कार्रवाई की जाती, तो ये मासूम आज जीवित होते। अब सवाल यह है कि क्या इस बार केवल जांच और निलंबन तक बात रुकेगी, या दोषियों को सज़ा भी मिलेगी?