नरेश मीणा 20 साल पुराने मामले में बरी

जयपुर, 1 मई 2025: देवली-उनियारा उपचुनाव के दौरान चर्चा में आए स्वतंत्र उम्मीदवार नरेश मीणा को जयपुर की एक स्थानीय अदालत ने 20 साल पुराने एक मामले में बरी कर दिया है। यह मामला 2004 में छात्र राजनीति से जुड़ा था, जिसमें नरेश मीणा पर गांधी नगर पुलिस स्टेशन में दर्ज एक शिकायत के आधार पर हमले का आरोप था। शिकायतकर्ता सुनील शर्मा ने दावा किया था कि मीणा और उनके साथियों ने छात्रसंघ चुनाव के दौरान उन पर हमला किया था। अदालत ने सबूतों के अभाव में नरेश मीणा को बरी कर दिया।

हालांकि, नरेश मीणा को एक अन्य 13 साल पुराने मामले में न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है। इस मामले में उनके खिलाफ स्थायी गिरफ्तारी वारंट जारी थे। इसके अतिरिक्त, मीणा पर हाल के समय में उपखंड अधिकारी (SDM) अमित चौधरी को थप्पड़ मारने और समरावता गांव में हिंसा भड़काने के आरोप भी हैं, जिनके लिए उनकी जमानत याचिकाएं खारिज हो चुकी हैं।

नरेश मीणा के वकील ने बताया कि SDM थप्पड़ कांड और समरावता हिंसा मामले में हाई कोर्ट में जमानत याचिकाएं दायर की गई हैं। पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार, मीणा के खिलाफ 2002 से अब तक विभिन्न जिलों में 25 आपराधिक मामले दर्ज हैं, जिनमें से 15 का उल्लेख उन्होंने अपने चुनावी हलफनामे में किया था।

समरावता गांव में मीणा के समर्थकों ने उनकी गिरफ्तारी के खिलाफ विरोध प्रदर्शन किए, जिसके चलते कई वाहनों में आगजनी और 60 लोगों की गिरफ्तारी हुई। सोशल मीडिया पर मीणा के समर्थन में कई पोस्ट्स भी सामने आए हैं, जिसमें दावा किया गया है कि उन्हें साजिश के तहत फंसाया गया है।

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