भोजपुरी व्यंग्य – एक दिन कS चांद
वैसे तो पति नाम के निरीह प्राणी को पूरे साल दम मारने की फ़ुरसत नहीं…
वैसे तो पति नाम के निरीह प्राणी को पूरे साल दम मारने की फ़ुरसत नहीं…
कहबू त करेजा काढ़ी हथेली मे थमाइब | जियते हम तोहरा कबहुँ ना भुलाइब |…
दशहरा के एगो दूसर शाब्दिक अर्थ दश (रावण) हरा ( हरा-भरा) भी हो गइल बा।…
बाज रहे इंसान.. साधो! झूठ ना बोलावें। झूठ बोले त कौआ ना, कुक्कुर काट ले,…