देवरिया। शहर को साफ-सुथरा रखने के लिए नगर पालिका परिषद ने सार्वजनिक स्थानों पर कूड़ा फेंकने वालों पर निगरानी बढ़ाने की तैयारी की है। इसके लिए शहर के उन स्थानों को चिह्नित किया गया है, जहां लोग निर्धारित जगहों के बजाय सड़क किनारे और खाली स्थानों पर कूड़ा डाल देते हैं। इससे आसपास गंदगी फैलने के साथ सफाई व्यवस्था भी प्रभावित होती है।
16 अक्टूबर 2026 को प्रकाशित एक मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, नगर पालिका ने शहर में कूड़ा फेंके जाने वाले 35 स्थान चिह्नित किए हैं। इनमें 20 स्थानों पर अधिक कूड़ा फेंके जाने की समस्या बताई गई है। नगर पालिका की योजना पहले इन 20 स्थानों पर सीसीटीवी कैमरे लगाने की है।
कैमरों से होगी निगरानी
रिपोर्ट के मुताबिक, नगर पालिका ने कैमरों की खरीद कर ली है और चिह्नित स्थानों पर उन्हें लगाने की तैयारी की जा रही है। कैमरों के जरिए सार्वजनिक स्थानों पर कूड़ा फेंकने वालों की पहचान करने और नियमों के अनुसार जुर्माना लगाने की योजना है। नियम तोड़ने वालों की तस्वीरें सार्वजनिक स्थानों पर प्रदर्शित करने की योजना का भी उल्लेख किया गया है।
42 डंपिंग स्पॉट के बावजूद चुनौती
मीडिया रिपोर्ट में बताया गया है कि शहर में कूड़ा निस्तारण के लिए 42 डंपिंग स्पॉट बनाए गए हैं। इसके बावजूद कुछ लोग निर्धारित स्थानों पर कूड़ा डालने के बजाय अन्य सार्वजनिक जगहों पर गंदगी फैलाते हैं। ऐसे में निगरानी व्यवस्था को प्रभावी बनाना नगर पालिका के लिए महत्वपूर्ण होगा।
सफाई व्यवस्था के साथ जागरूकता भी जरूरी
शहर को स्वच्छ रखने के लिए केवल निगरानी और जुर्माने की व्यवस्था पर्याप्त नहीं होगी। नियमित कूड़ा उठान, निर्धारित स्थानों पर कूड़ा डालने की सुविधा और लोगों को जागरूक करना भी जरूरी है। यदि कैमरे लगाए जाते हैं, तो उनकी नियमित निगरानी और शिकायतों पर कार्रवाई की व्यवस्था भी प्रभावी होनी चाहिए।
अब यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि नगर पालिका चिह्नित स्थानों पर कैमरे कब तक लगवाती है और नियमों का उल्लंघन करने वालों पर कार्रवाई कब शुरू होती है। इससे शहर की सफाई व्यवस्था में कितना सुधार आता है, इसका आकलन भी जरूरी होगा।