प्रसव से पहले गर्भवती की मौत, निजी अस्पताल के गेट पर शव रखकर परिजनों का हंगामा

देवरिया में गर्भवती की मौत, निजी अस्पताल के गेट पर शव रखकर हंगामा

देवरिया में इलाज में लापरवाही का आरोप, अस्पताल सील करने और जिम्मेदार चिकित्सकों पर कार्रवाई की मांग

देवरिया। गोरखपुर रोड स्थित एक निजी अस्पताल में प्रसव पीड़ा के बीच 24 वर्षीय गर्भवती महिला की मौत हो गई। शुक्रवार को हुई इस घटना के बाद परिवार में कोहराम मच गया। परिजनों ने अस्पताल प्रबंधन पर गंभीर लापरवाही का आरोप लगाते हुए अस्पताल के मुख्य गेट पर शव रखकर प्रदर्शन किया। वे जिम्मेदार चिकित्सकों पर कार्रवाई करने और अस्पताल को सील करने की मांग कर रहे थे। करीब दो घंटे तक चले हंगामे के बाद कोतवाली पुलिस ने लोगों को समझाकर शांत कराया।

मृतका की पहचान गौरीबाजार थाना क्षेत्र के सुपरी बुजुर्ग गांव निवासी सोनी (24), पत्नी अमर गोंड के रूप में हुई है। परिजनों के मुताबिक, शुक्रवार सुबह सोनी को प्रसव पीड़ा होने पर गोरखपुर रोड स्थित एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया था। उनका आरोप है कि अस्पताल में शुरुआत में 15 हजार रुपये लेने के बाद सामान्य प्रसव कराने का भरोसा दिया गया था।

ऑपरेशन की बात कहकर एक लाख रुपये मांगने का आरोप

परिजनों का कहना है कि दोपहर में अस्पताल की ओर से बताया गया कि महिला का ऑपरेशन करना पड़ेगा और इसके लिए एक लाख रुपये की जरूरत होगी। परिवार के लोगों ने किसी तरह रुपये का इंतजाम किया और अस्पताल को भुगतान कर दिया। हालांकि, परिजनों के अनुसार ऑपरेशन शुरू होने से पहले ही सोनी की हालत बिगड़ गई और उनकी मौत हो गई।

परिवार का आरोप है कि इसके बाद अस्पताल के चिकित्सकों ने हालत गंभीर होने की बात कही और एंबुलेंस से सोनी को महर्षि देवरहा बाबा मेडिकल कॉलेज ले जाने की सलाह दी। परिजन उन्हें लेकर मेडिकल कॉलेज पहुंचे, जहां चिकित्सकों ने जांच के बाद मृत घोषित कर दिया।

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शव लेकर अस्पताल पहुंचे परिजन, गेट पर शुरू किया प्रदर्शन

महिला की मौत की पुष्टि होने के बाद परिजन शव लेकर दोबारा निजी अस्पताल पहुंच गए। उन्होंने अस्पताल के मुख्य गेट पर शव रखकर विरोध जताया। परिवार के लोगों ने आरोप लगाया कि अस्पताल में इलाज के दौरान लापरवाही बरती गई, जिसके कारण सोनी की जान चली गई।

परिजनों ने यह भी आरोप लगाया कि आशा कार्यकर्ता उन्हें निजी अस्पताल लेकर आई थी, जबकि वे मेडिकल कॉलेज जाने की बात कह रहे थे। परिवार ने पूरे मामले की जांच कराने, जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई करने और अस्पताल को सील करने की मांग उठाई।

पुलिस के समझाने पर शांत हुआ मामला

घटना की सूचना मिलने पर कोतवाली पुलिस मौके पर पहुंची। आक्रोशित परिजन कार्रवाई की मांग पर अड़े रहे। पुलिस ने उन्हें समझाने का प्रयास किया, जिसके बाद करीब दो घंटे से चल रहा हंगामा शांत हुआ।

फिलहाल महिला की मौत को लेकर परिजनों की ओर से लगाए गए आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि और अस्पताल प्रबंधन का पक्ष सामने आना बाकी है। मामले में जांच, चिकित्सकीय अभिलेखों और संबंधित अधिकारियों की प्रतिक्रिया के आधार पर ही लापरवाही के आरोपों की स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।

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