चार महीने बाद भी अधूरा पड़ा पुल, खेतों तक पहुंचने में किसानों को परेशानी

कुशीनगर। विशुनपुरा क्षेत्र के पटेरिया आबादकारी गांव में पुल का निर्माण पूरा नहीं होने से किसानों की मुश्किलें बढ़ गई हैं। बताया जा रहा है कि विधायक निधि से शुरू कराया गया यह निर्माण कार्य करीब चार महीने बाद भी अधूरा है। इसके चलते किसानों को खेतों तक पहुंचने और कृषि उपज की ढुलाई करने में परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।

ग्रामीण क्षेत्र में पुल और रास्ते किसानों के लिए बेहद जरूरी होते हैं। खेती-किसानी के दौरान खेतों तक पहुंचने, खाद-बीज ले जाने और तैयार फसल को बाहर निकालने के लिए सुगम रास्ते की आवश्यकता होती है। ऐसे में पुल का निर्माण अधूरा रहने से स्थानीय किसानों की चिंता बढ़ गई है।

निर्माण पूरा होने का इंतजार

पटेरिया आबादकारी गांव में पुल का काम पूरा नहीं होने से ग्रामीणों को इसके इस्तेमाल के लिए अभी और इंतजार करना पड़ रहा है। किसानों को उम्मीद थी कि निर्माण पूरा होने के बाद आवागमन आसान होगा और खेती से जुड़े कामों में राहत मिलेगी। लेकिन काम अधूरा रहने के कारण यह सुविधा अभी उपलब्ध नहीं हो सकी है।

क्षेत्र में धान और गन्ने की खेती के दौरान उपज को खेतों से बाहर निकालना महत्वपूर्ण होता है। यदि रास्ते में पुल का निर्माण अधूरा हो, तो किसानों को वैकल्पिक रास्तों का सहारा लेना पड़ सकता है। इससे समय और श्रम दोनों बढ़ सकते हैं।

जिम्मेदारों से जवाब की जरूरत

पुल निर्माण में देरी की वजह क्या है, काम कब तक पूरा होगा और निर्माण की वर्तमान स्थिति क्या है—इन सवालों पर संबंधित विभाग तथा जिम्मेदार अधिकारियों का पक्ष सामने आना जरूरी है। निर्माण कार्य की समयसीमा और प्रगति की जानकारी मिलने से ग्रामीणों को भी स्पष्टता मिल सकेगी।

यह भी देखें  लार बाई पास की अजब कहानी, दो महीने से भरा है पानी

ग्रामीणों को उम्मीद है कि संबंधित अधिकारी मामले का संज्ञान लेकर निर्माण कार्य पूरा कराने की दिशा में आवश्यक कदम उठाएंगे, ताकि किसानों को आवागमन में राहत मिल सके।

अब देखना होगा कि पटेरिया आबादकारी गांव के किसानों को पुल की सुविधा कब तक मिल पाती है और अधूरे निर्माण को पूरा करने के लिए जिम्मेदार विभाग क्या कदम उठाता है।

About Author

Leave a Reply

error: Content is protected !!