दिल्ली में अभिजीत दीपके हिरासत में, 6 दिन में दूसरी बार पुलिस की कार्रवाई
दिल्ली में कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के संस्थापक अभिजीत दीपके को कनॉट प्लेस में प्रस्तावित ‘लहरा दो तिरंगा’ मार्च से पहले पुलिस ने हिरासत में ले लिया। शुक्रवार, 16 अक्टूबर को दिल्ली पुलिस ने उन्हें मार्च नहीं निकालने का नोटिस दिया था। इसके करीब एक घंटे बाद पुलिस उन्हें राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (शरदचंद्र पवार) के प्रवक्ता अनीश गावंडे के करोल बाग स्थित आवास से अपने साथ ले गई। छह दिनों के भीतर दीपके की हिरासत का यह दूसरा मामला है।
इस कार्रवाई के बाद कनॉट प्लेस में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई। मार्च में शामिल होने के लिए पहुंचे लोगों को पुलिस ने वहां से हटाना शुरू किया। प्रस्तावित कार्यक्रम नई दिल्ली के सेंट्रल पार्क में शाम 5 बजे आयोजित होना था, लेकिन पुलिस ने इलाके में लागू निषेधाज्ञा और अनुमति नहीं मिलने का हवाला देते हुए इसे रोकने की कार्रवाई की।
कॉकरोच जनता पार्टी ने कनॉट प्लेस के सेंट्रल पार्क में ‘लहरा दो तिरंगा’ मार्च का आह्वान किया था। पार्टी के मुताबिक, इस कार्यक्रम का उद्देश्य राष्ट्रीय ध्वज फहराना और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर चल रहे आंदोलन के समर्थन में एकजुटता दिखाना था।
दीपके ने समर्थकों से तिरंगा लेकर कार्यक्रम में पहुंचने की अपील की थी। हालांकि, दिल्ली पुलिस ने बिना अनुमति सार्वजनिक सभा या मार्च आयोजित करने पर आपत्ति जताई। पुलिस की ओर से दिए गए नोटिस में भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) की धारा 163 के तहत लागू प्रतिबंधों का उल्लेख किया गया था।
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, पुलिस अधिकारियों ने दीपके को नोटिस देकर प्रस्तावित मार्च नहीं निकालने का निर्देश दिया। इस दौरान दीपके ने सवाल उठाया कि जब कार्यक्रम का उद्देश्य केवल तिरंगा फहराना है, तो उसे रोकने की जरूरत क्यों है।
दीपके का पक्ष था कि वे शांतिपूर्ण तरीके से राष्ट्रीय ध्वज फहराना चाहते हैं। वहीं, पुलिस ने कहा कि कनॉट प्लेस जैसे व्यस्त व्यावसायिक इलाके में बिना अनुमति भीड़ जुटाने से कानून-व्यवस्था और आम लोगों की आवाजाही प्रभावित हो सकती है।
प्रस्तावित मार्च को देखते हुए नई दिल्ली नगर परिषद (NDMC) ने कनॉट प्लेस के सेंट्रल पार्क को 16 और 17 अक्टूबर को आम जनता के लिए बंद रखने का निर्णय लिया। इलाके में अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया और पुलिस ने लोगों से प्रतिबंधों का उल्लंघन करते हुए भीड़ नहीं जुटाने की अपील की।
पुलिस ने यह भी संकेत दिया कि राष्ट्रीय ध्वज फहराने और राष्ट्रगान गाने के लिए उपयुक्त स्थान पर सीमित संख्या में लोगों के कार्यक्रम की व्यवस्था की जा सकती है, लेकिन इसके लिए संबंधित अनुमति और नियमों का पालन करना होगा।
अभिजीत दीपके को इससे पहले 10 अक्टूबर 2026 को भी दिल्ली में हिरासत में लिया गया था। उस समय वे मुंबई से दिल्ली पहुंचे थे और प्रस्तावित प्रदर्शन को लेकर पुलिस ने उन्हें रोका था। उसी आंदोलन के दौरान कॉकरोच जनता पार्टी के नेताओं सौरव दास और आशुतोष रांका को भी हिरासत में लिया गया था। बाद में दोनों को पांच दिन की न्यायिक हिरासत में भेजे जाने की खबर सामने आई थी।
पार्टी के नेताओं की हिरासत के विरोध में ही 16 अक्टूबर को तिरंगा मार्च आयोजित करने की घोषणा की गई थी। इस तरह छह दिनों के भीतर दीपके के खिलाफ दो बार हिरासत की कार्रवाई हुई है।
कॉकरोच जनता पार्टी और उससे जुड़े प्रदर्शनकारी मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग कर रहे हैं। आंदोलन से जुड़े लोगों ने मतदाता सूची में संशोधन और बड़ी संख्या में मतदाताओं के नाम हटाए जाने को लेकर सवाल उठाए हैं। हालांकि, मतदाता सूची में कथित अनियमितताओं को लेकर लगाए गए आरोपों को चुनाव आयोग ने खारिज किया है। इस मुद्दे पर राजनीतिक विवाद जारी है।