देवरिया में राष्ट्रीय स्वाशथ्य मिशन के कर्मी मानदेय के लिए विरोध पर उतरे
लार सामुदायिक स्वाशथ्य केंद्र के कर्मचारी काली पट्टी बाँध कर जताये विरोध
21 से करेंगे स्वाशथ्य सेवाएं ठप्प
देवरिया। सरकार एक तरफ दावा करती है कि पैसे की कोई कमी नहीं है, दूसरी तरफ राष्ट्रीय स्वाशथ्य मिशन से जुड़े कर्मचारियों को समय से मानदेय नहीं मिलने के चलते उनके सामने रोटी के लाले पड़े हैं। मानदेय भुगतान नहीं होने से कर्मचारी नाराज हैं। सोमवार को स्वशथ्यकर्मी काली पट्टी बाँध कर अपना विरोध प्रदर्शन किए। 21 मई से पूरी तरह स्वाशथ्य सेवा ठप्प करने की धमकी दी है।
सोमवार को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) लार पर राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (एनएचएम) के संविदा कर्मचारियों ने लंबित मानदेय के भुगतान की मांग को लेकर प्रदर्शन किया। कर्मचारियों ने अस्पताल गेट पर काली पट्टी बांधकर विरोध जताया और अपना कार्य शुरू किया।
उत्तर प्रदेश में कार्यरत इन संविदा कर्मचारियों को मार्च 2026 और अप्रैल 2026 का मानदेय अभी तक नहीं मिला है। इसके कारण कर्मचारियों और उनके आश्रित परिवारों को गंभीर आर्थिक संकट का सामना करना पड़ रहा है।
कर्मचारियों ने बताया कि नए शैक्षणिक सत्र के कारण उन्हें बच्चों की फीस, किताबें और अन्य शैक्षणिक खर्चों के लिए धन की तत्काल आवश्यकता है। दैनिक जरूरतों को पूरा करने में भी उन्हें परेशानी हो रही है। इस गंभीर समस्या के प्रति अभी तक कोई अपेक्षित कार्रवाई नहीं हुई है, जिससे उनकी आजीविका पर संकट आ गया है।
संविदा कर्मियों ने चेतावनी दी है कि यदि 20 मई 2026 तक उन्हें दो माह का लंबित मानदेय प्राप्त नहीं होता है, तो उत्तर प्रदेश राज्य स्वास्थ्य मिशन संविदा कर्मचारी संघ (रजि.) के प्रांतीय कार्यकारिणी के आह्वान पर 21 मई 2026 से ‘नो पे-नो वर्क’ की नीति अपनाते हुए कार्य बहिष्कार किया जाएगा। इसकी पूरी जिम्मेदारी शासन-प्रशासन की होगी।
प्रदर्शन में डॉ. जगदीश प्रसाद, डॉ. आनंद प्रकाश, डॉ. रजनीश पांडे, डॉ. विपिन कुमार, डॉ. मंजू तिवारी, डॉ. अजमेरी खातून, अखिलेश कुमार, मोहम्मद अजमल, अनीता सिंह पटेल, फूल कुमारी, रंजन कुमार, अंकित निगम, अलका भारती, गीता देवी, संतोष चक्रधारी, राघवेंद्र प्रताप सिंह, मोतीलाल, अंजलि, विजय लक्ष्मी, पूनम, प्रिया यादव, अमित दुबे, अभिषेक श्रीवास्तव और कैसा नवाज सहित कई कर्मचारी मुख्य रूप से उपस्थित रहे।