धीरेंद्र शास्त्री बोले- दिल्ली ब्लास्ट से डरेंगे नहीं: पदयात्रा जरूर पूरी होगी, सनातनी डरने वाले नहीं
नई दिल्ली, 11 नवंबर 2025 (The Newswala लाइव डेस्क): बागेश्वर धाम के प्रमुख पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने दिल्ली में सोमवार शाम को लाल किले मेट्रो स्टेशन के पास हुए विस्फोट की घटना पर कड़ा रुख अपनाते हुए कहा है कि यह हमला भारत और सनातन धर्म को निशाना बनाने की साजिश है। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में घोषणा की, “सनातनी डरने वाले नहीं हैं। हम न डरेंगे, न रुकेंगे और न झुकेंगे। सनातन हिंदू एकता पदयात्रा 2.0 पूरी तरह से वृंदावन तक पहुंचेगी।” यह बयान उनकी चल रही पदयात्रा के दौरान हरियाणा के पलवल में दिया गया, जहां हजारों श्रद्धालु उनके साथ जुड़े हुए हैं।
सोमवार शाम को दिल्ली के लाल किले के पास एक कार में हुए विस्फोट ने पूरे देश को हिला दिया। इस धमाके में 12 लोगों की मौत हो गई, जबकि कई अन्य घायल बताए जा रहे हैं। पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेते हुए जांच शुरू कर दी है। प्रारंभिक रिपोर्ट्स के अनुसार, यह विस्फोट कट्टरपंथी तत्वों द्वारा रची गई साजिश का हिस्सा हो सकता है। फरीदाबाद में सर्च ऑपरेशन चल रहा है, जहां एक चिकित्सक के किराए के कमरों से विस्फोटक सामग्री बरामद हुई है। केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह आज सुबह 11 बजे उच्च स्तरीय सुरक्षा समीक्षा बैठक की अध्यक्षता करेंगे।
धीरेंद्र शास्त्री ने इस घटना पर गुस्सा जाहिर करते हुए कहा, “जब भी विस्फोट होते हैं, वे कट्टरपंथी धार्मिक विचारधारा वालों द्वारा ही किए जाते हैं। हमेशा भारत और सनातन को निशाना बनाया जाता है। सरकार से मांग है कि आरोपियों को फांसी की सजा दी जाए।” उन्होंने मृतकों के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त की और सनातनियों से एकजुट होने का आह्वान किया।
पंडित धीरेंद्र शास्त्री की यह 10 दिवसीय पदयात्रा 7 नवंबर को दिल्ली के इंदप्रस्थ इलाके से शुरू हुई थी। लगभग 170 किलोमीटर लंबी यह यात्रा हिंदू एकता को मजबूत करने और यमुना नदी की सफाई जैसे मुद्दों पर जागरूकता फैलाने के उद्देश्य से निकाली गई है। यात्रा में करीब 30 हजार श्रद्धालु शामिल हैं, जो ढोल-नगाड़ों के साथ चल रहे हैं।
- रूट अपडेट: सोमवार को यात्रा हरियाणा के पलवल पहुंची, जहां रात्री विश्राम सीनियर सेकेंडरी स्कूल में हुआ। मंगलवार को पूरा दिन पलवल में ही बिताया जाएगा।
- समापन: 16 नवंबर को वृंदावन के बांके बिहारी मंदिर में यात्रा संपन्न होगी।
- विशेष: फरीदाबाद में राजस्थान के मेवाड़ राजघराने के लक्ष्यराज सिंह भी यात्रा में शामिल हुए।
पदयात्रा के दौरान पलवल में भारी भीड़ उमड़ने से हादसा हो गया, जब एक दुकान का छज्जा गिरने से कई लोग घायल हो गए। हालांकि, शास्त्री स्वयं सुरक्षित हैं।
दिल्ली ब्लास्ट की घटना के मद्देनजर धीरेंद्र शास्त्री की सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत कर दिया गया है। पहले हरियाणा पुलिस की 3 कंपनियां तैनात थीं, अब 2 अतिरिक्त कंपनियां जोड़ दी गई हैं। दिल्ली-मथुरा हाईवे पर ट्रैफिक डायवर्जन भी लागू है, जिससे हजारों वाहन जाम में फंस गए। लाल किले में 13 नवंबर तक एंट्री बंद कर दी गई है।
शास्त्री ने कहा, “यह पदयात्रा सनातनियों को एकजुट करने का माध्यम है। जात-पात, छुआछूत जैसी कुरीतियों को खत्म करने का समय आ गया है। हिंदू राष्ट्र के संकल्प पर हम अडिग रहेंगे।” उनके इस बयान से यात्रा में जुड़े श्रद्धालुओं में जोश भर गया है।
बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर धीरेंद्र शास्त्री ने हमेशा हिंदू समाज को एकजुट करने पर जोर दिया है। उनकी राम कथा, भागवत कथा और दिव्य दरबार से लाखों लोग जुड़ते हैं। इस पदयात्रा के जरिए वे संभल और बरेली जैसी हिंसा प्रभावित जगहों पर भी पहुंचने की योजना बता चुके हैं। उन्होंने कहा, “हिंदू विरोधी तत्वों की ठठरी और गठरी बांधकर या तो देश से बाहर करेंगे या घर वापसी करवाएंगे।”