जयपुर में आसमान से आग के गोले गिरे: वायरल वीडियो में रहस्यमयी रोशनी, क्या हैं उल्कापिंड?
जयपुर, 20 सितंबर 2025: राजस्थान की राजधानी जयपुर में गुरुवार देर रात एक खगोलीय घटना ने लोगों को हैरान कर दिया। आसमान से आग के गोले गिरते हुए दिखाई दिए, जिनके साथ तेज रोशनी और धमाके की आवाजें सुनाई दीं। यह घटना जयपुर के बाहरी इलाके, विशेष रूप से सीकर रोड और टोंक रोड के आसपास के क्षेत्रों में देखी गई। स्थानीय लोगों ने इस नजारे को कैमरे में कैद किया, और वीडियो अब सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। खगोल वैज्ञानिकों ने प्रारंभिक तौर पर इसे उल्कापिंड (Meteor) या टूटता तारा होने की संभावना जताई है।
19 सितंबर की देर रात करीब 11:45 बजे जयपुर के कई हिस्सों में लोगों ने आसमान में तेज चमक के साथ जलते हुए गोले देखे। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, यह नजारा कुछ सेकंड तक रहा, जिसके बाद एक जोरदार धमाके की आवाज सुनाई दी। सीकर रोड पर एक होटल के सीसीटीवी कैमरे में यह घटना रिकॉर्ड हुई, जिसमें साफ दिख रहा है कि आसमान में पहले तेज रोशनी चमकी, फिर एक आग का गोला जमीन की ओर गिरता हुआ नजर आया।
स्थानीय निवासी राकेश शर्मा ने बताया, “हम रात को छत पर थे, तभी अचानक आसमान में तेज रोशनी दिखी। ऐसा लगा जैसे कोई आतिशबाजी हो, लेकिन धमाके की आवाज ने डरा दिया। यह कुछ सेकंड में खत्म हो गया, लेकिन बहुत डरावना था।”
भारतीय खगोल विज्ञान वेधशाला के प्रमुख डॉ. अनिल यादव ने इस घटना को एक खगोलीय घटना बताया। उन्होंने कहा, “यह संभवतः उल्कापिंड (Meteor) हो सकता है, जो पृथ्वी के वायुमंडल में प्रवेश करते समय जलने के कारण तेज रोशनी और धमाका पैदा करता है। ज्यादातर उल्कापिंड वायुमंडल में ही जलकर नष्ट हो जाते हैं, लेकिन कुछ बड़े टुकड़े जमीन तक पहुंच सकते हैं।” उन्होंने बताया कि इस तरह की घटनाएं समय-समय पर होती रहती हैं, जैसे कि 2022 में नागौर में देखी गई थी।
डॉ. यादव ने यह भी कहा कि इस घटना की गहन जांच के लिए सीसीटीवी फुटेज और अन्य डेटा का विश्लेषण किया जा रहा है। “हम यह पता लगाने की कोशिश कर रहे हैं कि यह सामान्य उल्का वर्षा थी या कोई बड़ा उल्कापिंड। अभी तक कोई नुकसान या अवशेष मिलने की सूचना नहीं है।”
जयपुर के लोगों में इस घटना को लेकर उत्सुकता के साथ-साथ डर भी है। कुछ लोग इसे “एलियन गतिविधि” या “UFO” से जोड़कर देख रहे हैं, जबकि अन्य इसे एक प्राकृतिक खगोलीय घटना मान रहे हैं। सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो में लोग इसे “आग का गोला” और “रहस्यमयी रोशनी” कहकर चर्चा कर रहे हैं। एक यूजर ने लिखा, “ऐसा लगा जैसे कोई साइंस-फिक्शन मूवी का सीन हो। जयपुर में ऐसा पहली बार देखा!”
जयपुर पुलिस ने इस घटना की सूचना मिलने के बाद प्रभावित क्षेत्रों में जांच शुरू की। हालांकि, अभी तक कोई नुकसान या उल्कापिंड के अवशेष मिलने की पुष्टि नहीं हुई है। पुलिस उपायुक्त (उत्तर) ने कहा, “हमने सीसीटीवी फुटेज और प्रत्यक्षदर्शियों के बयान लिए हैं। यह एक खगोलीय घटना प्रतीत होती है, लेकिन हम किसी भी संभावना से इंकार नहीं कर रहे।”
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उल्कापिंड क्या हैं? उल्कापिंड अंतरिक्ष से पृथ्वी के वायुमंडल में प्रवेश करने वाले छोटे-बड़े चट्टानी पदार्थ होते हैं, जो घर्षण के कारण जलकर चमकते हैं।
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क्या यह आम है? हर साल हजारों उल्कापिंड पृथ्वी के वायुमंडल में प्रवेश करते हैं, लेकिन ज्यादातर छोटे होते हैं और नष्ट हो जाते हैं।
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खतरा कितना? बड़े उल्कापिंड दुर्लभ होते हैं और नुकसान पहुंचा सकते हैं, लेकिन इस तरह की घटनाएं बेहद कम होती हैं।
नासा के उल्का निगरानी कार्यक्रम के तहत इस तरह की घटनाओं पर नजर रखी जाती है। नासा के एक प्रवक्ता ने कहा, “हम भारत के खगोल वैज्ञानिकों के साथ मिलकर इस घटना का अध्ययन कर रहे हैं। यह संभवतः क्षुद्रग्रह बेल्ट से निकला एक छोटा टुकड़ा हो सकता है।” प्रशासन ने लोगों से अफवाहों पर ध्यान न देने और किसी भी संदिग्ध वस्तु या अवशेष को देखने पर तुरंत पुलिस को सूचित करने की अपील की है। साथ ही, खगोल वैज्ञानिकों ने लोगों से इस तरह की घटनाओं को रिकॉर्ड करने और वैज्ञानिक समुदाय के साथ साझा करने का आग्रह किया है, ताकि इसका सटीक विश्लेषण हो सके।