गोशाला की सफाई करने उतरा युवक, टूटे बिजली तार ने छीन ली जिंदगी गौरीबाजार के पिपराधन्नी में हादसा, मेडिकल कॉलेज में इलाज के दौरान कृष्णा निषाद ने तोड़ा दम

देवरिया

गौरीबजार। घर के कामकाज में हाथ बंटाने और गोशाला की सफाई करने निकले 25 वर्षीय युवक को क्या पता था कि वहां पड़ा एक टूटा बिजली का तार उसकी जिंदगी का आखिरी कारण बन जाएगा। सोमवार को पिपराधन्नी के भरथी टोला में गोशाला की सफाई के दौरान बिजली के तार की चपेट में आने से कृष्णा निषाद गंभीर रूप से झुलस गया। परिजन उसे अस्पताल लेकर दौड़े, लेकिन इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। घटना के बाद परिवार में कोहराम मच गया।

भरथी टोला निवासी राजनाथ निषाद का पुत्र कृष्णा निषाद अपने भाई राजन के साथ घर पर दुग्ध पालन का काम करता था। सोमवार को बारिश और नमी के कारण गोशाला में काफी कीचड़ जमा था। कृष्णा वहां सफाई करने पहुंचा था। इसी दौरान गोशाला के आसपास टूटकर पड़े विद्युत तार की चपेट में वह आ गया। करंट लगते ही वह बुरी तरह झुलसकर अचेत हो गया।

हादसे के बाद चीख-पुकार सुनकर परिजन और आसपास के लोग मौके पर पहुंचे। आनन-फानन में कृष्णा को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र गौरीबाजार ले जाया गया। चिकित्सकों ने उसकी हालत गंभीर देखते हुए उसे आगे रेफर कर दिया। इसके बाद परिजन उसे महर्षि देवरहा बाबा मेडिकल कॉलेज देवरिया लेकर पहुंचे, जहां उपचार के दौरान उसकी मौत हो गई।

घर में कमाने के साथ प्रतियोगी परीक्षा की कर रहा था तैयारी

कृष्णा चार भाइयों में तीसरे नंबर पर था। उसके दो बड़े भाई प्रदीप और हरेंद्र उत्तर प्रदेश पुलिस में कार्यरत हैं। कृष्णा घर पर गौ-पालन के काम में हाथ बंटाने के साथ प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी भी कर रहा था। परिवार को उससे भविष्य की काफी उम्मीदें थीं। हादसे में उसकी मौत की खबर मिलते ही घर में मातम पसर गया।

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टूटे तार ने खड़े किए सुरक्षा पर सवाल

बारिश के मौसम में बिजली के तार टूटकर गिरने की घटनाएं ग्रामीण क्षेत्रों में खतरा बढ़ा देती हैं। गोशाला जैसी जगह पर टूटे तार का पड़ा रहना और उसके संपर्क में आने से हादसा होना सुरक्षा व्यवस्था पर भी सवाल खड़े करता है। घटना के बाद ग्रामीणों में भी बिजली के खुले और टूटे तारों को लेकर चिंता है।

ग्रामीणों का कहना है कि बारिश के दौरान बिजली के तार टूटने या झूलने की शिकायतों पर समय रहते कार्रवाई जरूरी है, ताकि किसी और परिवार को इस तरह की अनहोनी का सामना न करना पड़े।

फिलहाल कृष्णा की मौत से परिवार सदमे में है। जिस गोशाला में वह रोजमर्रा के काम में परिवार का हाथ बंटाता था, वहीं हुए हादसे ने परिवार से उसका एक सदस्य हमेशा के लिए छीन लिया।

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