पश्चिम बंगाल की कोयला खदान में बड़ा हादसा: लिफ्ट की रस्सी फंसने से करीब 200 फीट नीचे अटके 14 मजदूर, रेस्क्यू ऑपरेशन जारी
आसनसोल। पश्चिम बंगाल के पश्चिम बर्धमान जिले में सोमवार शाम कोयला खदान के अंदर बड़ा हादसा हो गया। आसनसोल के कुमारडीह ‘ए’ कोलियरी में मजदूरों को खदान के अंदर ले जाने और बाहर निकालने वाली लिफ्ट (डोली) में तकनीकी खराबी आ गई। इसके चलते करीब 200 फीट नीचे कई मजदूर फंस गए। शुरुआती जानकारी में मजदूरों की संख्या 14 बताई गई है, हालांकि अधिकारियों के अलग-अलग बयानों के कारण सही संख्या की पुष्टि नहीं हो सकी है।
अचानक बंद हो गई मजदूरों को ले जाने वाली लिफ्ट
यह घटना ईस्टर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड (ECL) के बंकोला एरिया की कुमारडीह ‘ए’ भूमिगत कोलियरी में हुई। जानकारी के मुताबिक, सोमवार शाम मजदूर डोली के जरिए खदान में उतर रहे थे और कुछ कर्मचारी ऊपर आ रहे थे। इसी दौरान लिफ्ट के संचालन में इस्तेमाल होने वाली लोहे की रस्सी इंजन रूम में लगे पुली ड्रम में उलझ गई। इससे लिफ्टिंग सिस्टम ने काम करना बंद कर दिया और मजदूर बीच में ही फंस गए।
10 से 14 मजदूरों के फंसे होने की जानकारी
हादसे के बाद मजदूरों की संख्या को लेकर अलग-अलग आंकड़े सामने आए। शुरुआती रिपोर्टों में 14 मजदूरों के फंसे होने की बात कही गई, जबकि ECL के एक अधिकारी ने करीब 10 से 12 मजदूरों के फंसे होने की जानकारी दी। ट्रेड यूनियन प्रतिनिधियों ने संख्या 12 से 14 के बीच बताई।
नीचे फंसे मजदूरों तक पहुंचाया गया खाना-पानी
ECL के अध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशक (CMD) सतीश झा के मुताबिक, हादसे में किसी के हताहत होने की सूचना नहीं थी। फंसे हुए मजदूरों तक खाना और पानी पहुंचाया गया तथा उन्हें सुरक्षित बाहर निकालने के प्रयास किए जा रहे थे। खदान के अंदर मजदूरों से संपर्क भी बनाए रखा गया था।
रेस्क्यू टीम तकनीकी खराबी को दूर करने और पुली ड्रम में उलझी रस्सी को निकालने में जुटी थी। इसके लिए ड्रम को विपरीत दिशा में घुमाकर रस्सी को सामान्य स्थिति में लाने का प्रयास किया जा रहा था।
मुख्यमंत्री ने दिए युद्धस्तर पर बचाव कार्य के निर्देश
पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने भी घटना की जानकारी देते हुए बताया कि मजदूरों को सुरक्षित निकालने के लिए युद्धस्तर पर बचाव कार्य चलाया जा रहा है। जिला प्रशासन, पुलिस और ECL के वरिष्ठ अधिकारी पूरे घटनाक्रम पर नजर बनाए हुए थे।
खदानों में सुरक्षा व्यवस्था पर उठे सवाल
इस घटना के बाद भूमिगत कोयला खदानों में मजदूरों की आवाजाही के लिए इस्तेमाल होने वाली लिफ्ट और उसके रखरखाव को लेकर सवाल उठने लगे हैं। कुछ मजदूरों ने दावा किया कि लिफ्ट की कुछ महीने पहले मरम्मत कराई गई थी। इसके बावजूद दोबारा तकनीकी खराबी आ गई।